अपनी अपनी आदत है..! – लतिका श्रीवास्तव

….. प्रफुल्ल जी अभी नए ही हैं इस ऑफिस में और कितनी कुशलता से सारा कार्य बखूबी समझ भी गए और ये प्रोजेक्ट जो एक महीने में पूर्ण होने वाला था उनकी अनवरत लगन और क्षमता से महज पंद्रह दिनों में पूर्ण कर लिया गया है हमें गर्व है उनकी काबिलियत पर …आज का ये … Read more

डरावना मंजर –  माधुरी राठौर

आज जो कहानी मैं आप लोगों से बताने जा रही हूं, उसे सुनकर आप लोग भी आश्चर्यचकित और अचंभित हो जाएंगे! बहुत पुरानी घटना है यह,जब मैं छोटी थी तो यह घटना मेरे ही पड़ोस में घटित हुई थी उन दिनों चारों तरफ सिर्फ लोग भूत-प्रेत जीन चुड़ैल की ही बातों में अपना सारा समय … Read more

पछतावा – पिंकी सिंघल

नीति और निहाल पहली बार माता पिता बनने की खबर पता चलते ही बहुत ही उत्साहित थे और अपने मन में अपने अजन्मे बच्चे की तस्वीर को सजाने लगे थे ।बच्चे के जन्म के बाद वे उसका क्या नाम रखेंगे ,उसे कौन से स्कूल में पढाएंगे ,बड़ा होकर उसे क्या बनाएंगे इत्यादि इत्यादि सोच कर … Read more

बेटी की विदाई नहीं कर पाने का पछतावा – सुषमा यादव

,, मैं अपने पिता जी और श्वसुर जी के साथ अपने कार्य स्थल मध्य प्रदेश के एक शहर में रहती थी। मेरी बड़ी बेटी की शादी होने वाली थी। वो विदेश में नौकरी कर रही थी इसलिए ये निश्चित हुआ कि दिल्ली में ही शादी हो।देश विदेश से सभी लोग फ्लाइट से आयेंगे और इंडिया … Read more

मृगतृष्णा – आरती झा”आद्या”

सुहानी शाम की बयार बह रही थी और माँ का रक्तचाप और मधुमेह नियन्त्रित रहे, इसलिए सुहानी पिता को घर पर चाय बना कर देकर माँ के साथ घर के बगल वाले पार्क में टहलने जाती थी। टहलने के बाद माँ के साथ वही बेंच पर बैठ गई और पड़ोस की एक बुजुर्ग महिला के … Read more

पराँठे रहने दीजिए …. – रश्मि प्रकाश

“ निशिता मेरे कपड़े प्रेस वाले के पास से आ गए हैं क्या….नहीं आए है तो प्लीज़ फोन कर के मँगवा लेना दो दिन बाद एक मीटिंग  केसिलसिले में राँची जाना है ।” रितेश ऑफिस के लिए तैयार होते हुए बोला  “ हाँ मँगवा लूँगी… बता दोगे तो पैकिंग भी कर दूँगी नहीं तो खुद … Read more

बेटी – श्यामला संभारा

बेटी अपने पापा से पिछले तीन, चार दिनों से उसके साथ कॉलेज चलने के लिए कह रही थी कॉलेज में एडमिशन लेने के समय उसे लगता था कि उसके पापा उसके साथ में तो अच्छा रहेगा ऑफिस मे काम की अधिकता के कारण वे समय नहीं निकाल पा रहे थे। बेटी ने रात में अपने … Read more

“एक किलो सोना ” – कविता भड़ाना

मीरा बुआ अपने बड़े भाई के घर राखी पर आई हुई थी  संपन्न परिवार की बहू “मीरा बुआ” को पैसों का घमंड भी बहुत था और हर जगह बस अपने मुंह मियां मिट्ठू बनी रहती … उनके भैया अपनी बड़ी बेटी के लिए रिश्ता देख रहे रहे थे पर कही भी बात नही बन पा … Read more

काश… – अविनाश स आठल्ये

Congratulations !!! Mrs सीमा बत्रा… इस वर्ष हमारी वेबसाइट पर सबसे ज्यादा आपकी ही कहानियों को पसन्द किया गया…इतने ज्यादा व्यू तो हमारी लेखक.कॉम वेबसाइट के इतिहास में आज तक किसी को नहीं मिले..हमारी “लेखक डॉट कॉम” टीम की तरफ़ से इस वर्ष का सबसे पसंदीदा लेखक का अवार्ड आपको दिया जा रहा है। अवार्ड … Read more

 प्रायश्चित – मनीषा देबनाथ

“कास बुरे का साथ ना दे कर मैं अच्छाई के साथ खड़ी रहती तो आज मैं इतनी अकेली ना होती… कास मैने अपने परिवार का साथ दिया होता!” आज मन में चिंतन मनन करती हुई रागिनी बहुत अकेली थी। क्यों की रागिनी ने अपने परिवार का साथ ना दे कर अपनी मायके की भाभी वंदना … Read more

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