आखिरी दर्शन…. पिता का आशीर्वाद – रश्मि प्रकाश  : Moral Stories in Hindi

‘‘ माँ, तुमने आज तक मुझसे जो भी कहा करती चली आई….लड़की हो..ऐसे रहो वैसे करो,…लोग चार बातें न कहें इसलिए तुम्हारी हर हाँ में हाँ करती चली गई….भाई छोटे हैं पर देखो मुझे छोटी समझ हर दुःख और दुनिया की नजरों से बचाकर रखने में लगे रहे…अब तुमने लोगों के कहने पर मेरी शादी … Read more

आशीर्वाद विला – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

   पापा आप इस दुनिया में नहीं हैं… पर जहां भी हैं मेरे आसूं और मेरे दिल का दर्द शायद अब आप तक पहुंच पाए.. आज पूरे पंद्रह साल बाद अपने शहर अपनी सहेली मधु के बहुत मनुहार करने पर आई हूं… मधु कामिनी सुधा रीता सरला सब मधु के यहां इकट्ठे हुए हैं… अपनी स्टूडेंट … Read more

मुझे हक है – ऋतु गर्ग : Moral Stories in Hindi

कंचन शुरु से ही सीधी साधी लड़की थी। करना तो उसे ही सीधी सादी लड़की थी।     हमेशा हंसती मुस्कुराती अपने काम से काम रखती।  वह अपने सादगी संपन्न व्यवहार के द्वारा सभी का मन जीत लेती। वह छोटे बड़े सभी के साथ  साथ सहजता से घुल मिल जाती।  लेकिन वह स्वयं के निर्णय बहुत सोच … Read more

भैरवी (आखिरी भाग ) – अंशु श्री सक्सेना : Moral Stories in Hindi

“मैडम जी, कोई मल्हार नाम के सज्जन आपसे मिलना चाहते हैं. मैंने उनसे कहा भी कि हमारी मैडम इतनी रात गये किसी से नहीं मिलतीं परन्तु वे यहाँ से जाने को तैयार ही नहीं हैं, कह रहे हैं कि मैडम से बिना मिले नहीं जाऊँगा” “ठीक है, अन्दर आने दो उन्हें” कहकर भैरवी ने फ़ोन … Read more

भैरवी (भाग 5) – अंशु श्री सक्सेना : Moral Stories in Hindi

कार्यक्रम का आरम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर होना था अत: आयोजकों ने भैरवी को दीप प्रज्ज्वलित करने के लिए स्टेज पर आमंत्रित किया. जब भैरवी स्टेज पर चढ़ी तब मल्हार की नज़रों से उसकी आँखें जा मिलीं. मल्हार की आँखों में आश्चर्य व प्रसन्नता के मिलेजुले से भाव उभरे और वह बोल पड़ा, “अरे तुम…म..म…मेरा मतलब … Read more

भैरवी (भाग 4) – अंशु श्री सक्सेना : Moral Stories in Hindi

“पर मैं तो तुझे ज़िन्दगी भर नहीं भूलूँगा, ब्याह करूँगा तो सिर्फ़ तुझसे” मल्हार ने अपनी हथेलियों में उसका चेहरा लेते हुए कहा था. “चल झूठे”  कहते हुए भैरवी ने शरारत से अपना मुँह बिचकाया था और फिर न जाने क्या सोचकर उसने उचकते हुए मल्हार के कपोलों पर अपने प्रेम की नन्ही सी मुहर … Read more

भैरवी (भाग 3) – अंशु श्री सक्सेना : Moral Stories in Hindi

इसी बीच बलदेव सिंह का अचानक ही सड़क दुर्घटना में देहांत हो गया. पिता के देहांत पर जब भैरवी गाँव आई तो उसे अपनी बचपन की सहेली से पता चला कि मल्हार का परिवार गाँव छोड़ कर राजस्थान चला गया है, जहाँ के कण कण में लोकसंगीत बसा है. मल्हार के परिवार को वहाँ बहुत … Read more

भैरवी (भाग 2 ) – अंशु श्री सक्सेना : Moral Stories in Hindi

अब संगीत की कक्षा में दोनों एक साथ बैठने से कतराते, एक दूसरे से नज़रें मिलते ही आँखों ही आँखों में मुस्कुराते और गंगा किनारे की रेती पर बैठ, भविष्य के सपने बुनते. उन सपनों के धागे कभी चाँदी से रुपहले होते तो कभी सोने से सुनहरे. वे अपने सपनों की चादर में अपने अरमानों … Read more

भैरवी (भाग 1 ) – अंशु श्री सक्सेना : Moral Stories in Hindi

कमरे में पंखा फुलस्पीड पर चल रहा था. लखनऊ में वैसे भी अप्रैल आते आते अच्छी ख़ासी गर्मी पड़ने लगती है. मेज़ पर रखी “मिस भैरवी सिंह, ज़िलाधिकारी” की नेमप्लेट के नीचे दबे लिफ़ाफ़े से झाँकते फड़फड़ाते गुलाबी काग़ज़ पर भैरवी की नज़रें टिकी थीं. कागज़ पर लिखे सुनहरे रंग के शब्द दूर से ही … Read more

#आशीर्वाद ( चिंकी ) -संगीता अग्रवाल । : Moral Stories in Hindi

“ये किसे उठा लाई ” शालिनी जो मंदिर गई थी को एक दो साल की बच्ची के साथ घर मे घुसते देख उसकी सास दुर्गा देवी चिल्लाई। ” माँ जी ये बच्ची मुझे मंदिर की सीढ़ी पर बैठी मिली बहुत रो रही थी मैने इससे इसकी माँ के बारे मे पूछा पर ये कुछ ना … Read more

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