सम्पति पर अधिकार किसका? – लतिका पल्लवी 

जो बेटा माँ बाप की सेवा नहीं कर सकता,उसे उनके पैसो पर भी नजर नहीं रखनी चाहिए।अभिषेक जी नें अपनी सम्पति से बेदखल करके अपने बेटे अनय को अच्छे से समझा दिया था। पापा नें उसे अपनी सम्पति से बेदखल कर दिया है सुनकर अनय तो एकदम ठगा ही रह गया था। कहाँ तो उसने … Read more

खून के आंसू रुलाना – सुदर्शन सचदेवा 

आज के समय में जिंदगी की रफ़तार जितनी तेज हो गई  है , उतनी ही मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। ऐसी ही एक कहानी है रिद्धि की, जो एक साधारण परिवार से थी, पर उसके सपने बिल्कुल असाधारण थे। वह फैशन डिज़ाइनर बनना चाहती थी, लेकिन हालात ने उसे खून के आँसू रुलाने में … Read more

दहेज – एम. पी. सिंह 

अनु कि शादी अनिल से हुई तो वो दहेज में बहुत सारा सामान लेकर आई. दहेज के दम पर वो बहुत इतरा रही थी. वैसे जो भी सामान वो लाई थी, लगभग वो सब पहले से घर मैं मौजूद था, पर फर्क इतना था कि थोड़ा पुराना था पर कोई खराबी नहीं थी. दो चार … Read more

अधिकार – खुशी

नंदीश एक हैंडसम लड़का था।वो स्मार्टनेस और खूबसूरती का मिला जुला मिश्रण था।कॉलेज में तो जो उसे देख ले वो लड़की उस पर फिदा थी।इस बात को वो भी जानता था और कॉलेज में उसके बड़े अफेयर भी रहे।तभी उसके कॉलेज में ध्वनि आई जो उसकी जूनियर थी जिसे देख पहली बार नंदीश का दिल … Read more

बचपन को खिलने दो – कमलेश आहूजा

“ये तू क्या सारा दिन हँसी ठिठोली करती रहती है सबके साथ।थोड़ा सा तो गंभीर रहना सीख।भाई बहनों में सबसे बड़ी है।जैसा तू करेगी वैसा ही छोटे भाई बहन करेंगे।”घर के सभी लोग अक्सर नेहा को यही नसीहत देते रहते थे। नेहा तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी थी।पढ़ाई लिखाई में होशियार थी।हर साल फर्स्ट … Read more

जंग – संगीता त्रिपाठी 

 “नेहा ,तुम मुझे नही पहचान रही …मैं तुम्हारा पति विनय..”विनय  अधिकार से नेहा का रास्ता रोक कर बोला ।    “मेरा रास्ता छोड़ दें ..”     “कैसे छोड़ दें ,मत भूलो नेहा कानूनन तुम अभी भी मेरी पत्नी हो “दुष्टता से विनय बोला    “हां मां ,आप अपने पति और बेटे  को भूल गई ..”    बेटे की बात … Read more

दिल ढूंडता है – रवीन्द्र कान्त त्यागी

“नाश्ता तैयार हो गया क्या नीतू? जरा जल्दी निकलना है।” बाथरूम से नहाकर निकलते हुए बेताब से मधुर ने कहा। “अरे गीता, नाश्ता तैयार हो गया क्या। साहब को जल्दी निकलना है।” नीतू ने आवाज लगाई। “बस मेमसाब, आलू उबलने ही वाले हैं।” “ओ माय गौड़। अभी देर लगेगी। मुझे निकलना पड़ेगा नीतू। बिल्डिंग में … Read more

सपने सुहाने – गरिमा चौधरी

सुबह का समय था। रसोई से ज़ोर–ज़ोर से बर्तनों की खनखनाहट आ रही थी, मानो बर्तन नहीं, किसी के मन की कड़वाहट टकरा–टकरा कर आवाज़ कर रही हो। नेहा ने गैस पर चाय चढ़ाते हुए फिर एक नज़र दीवार पर घड़ी की तरफ़ डाली। “आठ बजने वाले हैं और ये लड़की अभी तक बिस्तर से … Read more

क्या? मम्मी जी आपके यहां करवा चौथ नहीं मनाते। – ज्योति आहूजा

हर लड़की की तरह सारिका के मन में भी शादी को लेकर तरह- तरह की उमंगे थी। शादी के बाद उसका ससुराल कैसा होगा? ससुराल में हर तरह के फंक्शन, त्यौहार खूबधूमधाम से मनाए जाते हो। सजने सवरने की शौकीन सारिका इसी उमंगों के साथ अपना रिश्ता होने के बाद शादी के दिन का इंतजार … Read more

रिश्ते महंगे तोहफो के मोहताज नहीं होते ! – स्वाती जैंन

अरे दीदी ,  जेठानी जी का गिफ्ट क्या देखना , उनके भाई ने तो सिर्फ एक पाँच सौ रुपए की हल्की साड़ी और मिठाई का डिब्बा पकड़ा दिया हैं , रानी हंसते हुए अपनी ननद आकांक्षा से बोली !! देवरानी के लिए जेठानी के मायके से आया हुआ गिफ्ट उपहास का विषय बन चुका था … Read more

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