डोर खुशी की – अंजना ठाकुर

मायका ही एक ऐसी जगह है जिसका नाम सुनते ही हर् एक स्त्री चाहे कितनी भी परेशान हो चेहरे पर खुशी आ जाती है मायका एक डोर है खुशी की जो हर् लड़की के मन को उसके बचपन की यादों से बांधे रखती है जहां जाकर वो फिर से नयी उमंग से भर जाती है उसका मायके का मोह कभी खत्म नहीं होता चाहे कितनी भी उम्र हो जाए ..

ऐसा ही कुसुम के साथ हो रहा था । कुसुम के भाई के बेटे की शादी थी उनके मन मै उमंग जाग गई मायके जाने की वैसे भी माँ के जाने के बाद कम ही जाना होता फिर अपनी भी गृहस्थी भाई ने कह दिया जल्दी आ जाना शादी के सात दिन बचे कुसुम तैयारी मै लगी थी बच्चे और पति बाद मै आने वाले थे कल उन्हें निकलना था उस का 

उत्साह अलग  ही दिख रहा भाई की पसंद की मिठाई भाभी के लिए साड़ी शादी मै देने के तोहफे कुछ रह नहीं जाए दस बार सामान चेक कर लिया। तभी उसके पति  महेश जी बोले तुम्हारे भाई ने निमंत्रण का कार्ड तो भेजा नहीं ऐसे कैसे चली जाओगी।

यह सुनकर उसके चेहरे से सारी खुशी गायब हो गई बोली आ जाएगा कार्ड भी उसने फोन पर तो निमंत्रण दे दिया।

महेश जी  बोले उस से क्या होता है कार्ड भी देखना पड़ेगा हमारा नाम लिखवाया की नहीं आखिर दामाद हूँ उस घर का।

ये सुनते ही कुसुम बोली मेरे भाई के यहां शादी है तो आपको अपनी इज्जत याद आ रही जबकि फोन पर भी सम्मान से बोला और जब जेठ के यहां शादी थी तो उन्होंने तो बोला भी नहीं की आना बस बताया था और आप दस दिन पहले से हल्ला मचा रहे थे चलना है बच्चों की भी छुट्टी करवा दी और अपने मोनू का तो नाम भी भूल गए

और मेरे लिए ना खुद ने छुट्टी ली ना बच्चों की करने दी, फिर भी मै कुछ नहीं बोली कि चलो मुझे तो जाने दे रहे।  आपको घर परिवार का मोह होता है तो हम औरतों को तो और ज्यादा होता है क्यूंकि शादी के बाद घर परिवार की जिम्मेदारी मै कुछ खास मौके पर ही जा  पाते है

उसमें भी आप लोगों को अपनी इज्जत, सम्मान याद आ जाता है हम तो खुद ही इस बात का ध्यान रखते है कि ससुराल वालों का सम्मान बना रहे लेकिन आप लोग कभी इस बारे मै नहीं सोचते फिर भी हम खुशी से सब फर्ज पूरे करते है कुसुम बोलती जा रही आज उसका गुबार निकल रहा था आखिर मायके का मोह खत्म नहीं होता।

महेश जी बोले तुम सही कह रही मैंने ऐसा सोचा ही नहीं तुम निकल जाना सुबह मैं और बच्चे भी समय से आ जाएंगे।

कुसुम बोली नहीं अब कार्ड आ ही जाने दो जिस से तुम्हें सब्र हो जाए क्यूंकि मुझे तो भाई पर पूरा विश्वास है।

अरी भाग्यवान मांग तो ली माफ़ी अब खुशी खुशी जाओ और भतीजे की शादी मै मजे करो आज समझ आया मायके का मोह कितना होता है इतनी शिकायत तो तुमने कभी नहीं करी।

दोनों हंस पड़े….

स्वरचित

अंजना ठाकुर

Thanking you

Regards

Anjana thakur

#मायके का मोह । ।

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