हम बुरा क्यो ना माने – संगीता अग्रवाल
” बहू जल्दी जल्दी हाथ चलाओ नितेश के दोस्त होली खेलने आते ही होंगे फिर अर्चना भी तो आ रही है जमाई जी के साथ अपनी भाभी की पहली होली पर !” सरला जी पकोड़े तलती हुई अपनी बहू मीनाक्षी से बोली। ” जी मम्मीजी बस होने वाला है !” मीनाक्षी मुस्कुराते हुए बोली। इधर … Read more