बदलाव – डॉ संगीता अग्रवाल

निशा की शादी विवेक से बड़ी धूमधाम से हो गई थी।निशा के पिता ने मुक्त हस्त पैसा लुटाया था,वो खुश थे कि उन्हें विवेक जैसा हैंडसम,काबिल और अमीर दामाद मिला था।कितनी बड़ी कंपनी में कार्यरत था वो और घमंड उसे छू तक नहीं गया था ,तभी तो उन्होंने उनकी निशा जैसी लड़की को जो कद … Read more

आस्तीन का सांप

दिल्ली के पास राजनगर नाम की पॉश कॉलोनी में हमारे पड़ोस में श्याम अंकल का घर था। श्याम अंकल बहुत ही हँसमुख दयालु और अच्छे स्वभाव के आदमी थे। अंकल बिजली बोर्ड में बड़े अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनके दो बेटे थे बड़ा बेटा नबीन तेरह साल की उम्र का था और छोटा … Read more

बेटियां दो दो कुलों का नाम रोशन करती है – निशा जैन

बिट्टू अब तो सुशीला को और भी घमंड हो जायेगा , दूसरा भी पोता जो हो गया…कामिनी जी बोली मां घमंड किस बात का…उनके दो पोते हैं तो आपके भी तो दो पोतियां हैं… बिट्टू ने अपनी बेटी को गोद में उठाते हुए कहा दरअसल बिट्टू की पत्नी सीमा दूसरी डिलीवरी में बच्ची को जन्म … Read more

असली रंग –  डॉ  संगीता अग्रवाल

विभा  बिलकुल तैयार नहीं थी आकाश से शादी करने के लिए क्योंकि वो उससे उसकी क्लास वन जॉब छोड़ने पर जोर दे रहा था और साथ ही तर्क ये से रहा था कि हमारे घर में लड़कियां शादी के बाद जॉब नहीं करतीं,घर संभालती हैं,पैसा तो जितना भी आ जाए, कम ही लगता है, हपस … Read more

दर्प दमन – शुभ्रा बैनर्जी

कामिनी संयुक्त परिवार में पली बढ़ी सुशिक्षित लड़की थी। परिवार में संस्कारों की छांव में पली कामिनी शुरू से ही अति महत्वाकांक्षी थी।पढ़ने में अव्वल तो थी ही,दिखने में भी खूबसूरत थी।यौवन की दहलीज पर कदम रखते ही,सपनों के राजकुमार के साथ अपने सुनहरे भविष्य के ख्यालों में रहने लगी थी। स्नातकोत्तर की परीक्षा उत्तीर्ण … Read more

 अपनी हीन भावना – बालेश्वर गुप्ता : Short moral story in hindi

  सामान्य परिवार का सनी और धनाढ्य परिवार का विक्रम,दोनो सहपाठी, एक ही कक्षा में,दोनो ही मित्र।       सनी अपनी हैसियत के मुताबिक़ सायकल से विद्यालय पहुँचता तो विक्रम का ड्राईवर उसे प्रतिदिन कार से विद्यालय छोड़ने आता।दोनो की मित्रता विद्यालय तक ही सीमित थी।सनी अपनी हैसियत और सीमा समझता था सो वह विक्रम से उतना ही … Read more

घमंड टूट गया

फ्लाइट में बैठी सोनिया की नजर अचानक से सामने की सीट पर बैठी एक महिला पर जा टिकी। उसे उम्मीद तो नहीं थी कि सुधा इस तरह फ्लाइट में सफर कर सकती है। फिर भी ध्यान से देखने पर उसे यकीन हो गया कि वो सुधा ही है। काॅटन की साड़ी पहने हुए थी लेकिन … Read more

ये तो प्रेम की बात है…

नहीं भाभी इस बार छुट्टियों में सोनाली को कंप्यूटर और गिटार की कोचिंग करना है तो हम लोग गांव नहीं आ पाएंगे..! देवरानी प्रियंका फोन पर कह रही थी और मोनाली बार बार पूछ रही थी मां क्या कहा चाची ने कब आ रहें हैं वो लोग सोनाली ने मेरे जन्मदिन पर आने का पक्का … Read more

बेटियां भी बुढ़ापे का सहारा बन सकती है – अलिफशा सैफी

“लीजिए भाभी मुंह मीठा कीजिए।” आशीष जी ने अपनी भाभी रमीला जी को मिठाई देते हुए कहा। रमीला जी मिठाई मुंह में रखकर बोली।” देवर जी किस चीज की मिठाई बाटी जा रही है। लगता है अबकी बार तो बेटा हुआ है देवरानी जी को।”” नहीं भाभी बेटा नहीं दूसरी भी लक्ष्मी ही आई है। … Read more

बहू ..तुमने समझने मैं गलती कर दी!!!

नव्या को ससुराल आए हुए एक साल हो गया था घर की जिम्मेदारी भी  अधिकतर उसने सम्हाल ली थी लेकिन आज भी सासू मां से ही पूछ कर खाना बनता ,महीने का राशन हो या कभी ज्यादा लोगों को खाना बनना हो तो सासू मां खुद रसोई सम्हालती नव्या को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं … Read more

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