घमंड चकनाचूर हुआ – सुभद्रा प्रसाद

श्यामा आज बहुत खुश थी |आज उसके पोते हर्ष का  जन्मदिन था  |वह अपने बेटे सूरज, बहू रचना, पांच वर्षिय पोते हर्ष और दो साल की पोती हर्षिता के साथ मंदिर आई थी |पोते और पोती के जन्मदिन पर वह  सपरिवार सुबह मंदिर आती थी | पूजा करती और उनके हाथों से  मंदिर के बाहर … Read more

नेमप्लेट – डॉ. पारुल अग्रवाल

कल आकाश और सिया की शादी की पांचवी सालगिरह है। पांचवी है इसलिए आकाश ने इसको थोड़ा अलग तरह से मनाने की सोची है। उसने सिया को उपहार में एक फ्लैट देने की सोची है जिसके पेपर्स पर सिर्फ उसका ही नाम होगा हालांकि ये घर आकाश और सिया दोनों की खून-पसीने की कमाई का … Read more

पितृ दोष – शुभ्रा बैनर्जी 

समीर ने कई बार कहा था अम्मा और बाबूजी से,शहर में उसके पास आकर रहने के लिए।बाबूजी हर बार कुछ ना कुछ बहाना‌ करके टाल जाते थे।अम्मा का बड़ा मन होता था अपने बेटे के घर आकर रहने का,पर पति की इच्छा के चलते मन मारकर रह जातीं थीं।बाबूजी एक स्कूल मास्टर थे।थोड़ी बहुत खेती … Read more

  राज – सोनिया अग्रवाल

शुरू से ही अनीस का राधा को इतनी परवाह करना, राधा के बिना बताए राधा की सारी इच्छा अनिच्छा का अनीस को पता होना। राधा को बहुत अजीब लगता था। राधा अपने नाम के समान राधा जी से पूरी उलट थी। राधा जी जैसी सीधी सरल नहीं बहुत तेज मिजाज वाली लड़की थी।  वो किसी … Read more

 घमंड

तारा बहू बनकर हवेली में आ गयी। उसे हवेली के तौर तरीके, नौकर- नौकरानियों को देखकर घबराहट होने लगी। बिन माँ की गरीब घर की बेटी, भाइयों ने एक दुहाजु से शादी कर अमीर घराने से रिश्ता जोड़ लिया। भरा-पूरा परिवार था। पागल सौत, उसकी दो- दो बेटियाँ, सास- ससुर, ननद, जेठ-जेठानी, देवर सभी थे। … Read more

बदलाव – डॉ संगीता अग्रवाल

निशा की शादी विवेक से बड़ी धूमधाम से हो गई थी।निशा के पिता ने मुक्त हस्त पैसा लुटाया था,वो खुश थे कि उन्हें विवेक जैसा हैंडसम,काबिल और अमीर दामाद मिला था।कितनी बड़ी कंपनी में कार्यरत था वो और घमंड उसे छू तक नहीं गया था ,तभी तो उन्होंने उनकी निशा जैसी लड़की को जो कद … Read more

आस्तीन का सांप

दिल्ली के पास राजनगर नाम की पॉश कॉलोनी में हमारे पड़ोस में श्याम अंकल का घर था। श्याम अंकल बहुत ही हँसमुख दयालु और अच्छे स्वभाव के आदमी थे। अंकल बिजली बोर्ड में बड़े अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। उनके दो बेटे थे बड़ा बेटा नबीन तेरह साल की उम्र का था और छोटा … Read more

बेटियां दो दो कुलों का नाम रोशन करती है – निशा जैन

बिट्टू अब तो सुशीला को और भी घमंड हो जायेगा , दूसरा भी पोता जो हो गया…कामिनी जी बोली मां घमंड किस बात का…उनके दो पोते हैं तो आपके भी तो दो पोतियां हैं… बिट्टू ने अपनी बेटी को गोद में उठाते हुए कहा दरअसल बिट्टू की पत्नी सीमा दूसरी डिलीवरी में बच्ची को जन्म … Read more

असली रंग –  डॉ  संगीता अग्रवाल

विभा  बिलकुल तैयार नहीं थी आकाश से शादी करने के लिए क्योंकि वो उससे उसकी क्लास वन जॉब छोड़ने पर जोर दे रहा था और साथ ही तर्क ये से रहा था कि हमारे घर में लड़कियां शादी के बाद जॉब नहीं करतीं,घर संभालती हैं,पैसा तो जितना भी आ जाए, कम ही लगता है, हपस … Read more

दर्प दमन – शुभ्रा बैनर्जी

कामिनी संयुक्त परिवार में पली बढ़ी सुशिक्षित लड़की थी। परिवार में संस्कारों की छांव में पली कामिनी शुरू से ही अति महत्वाकांक्षी थी।पढ़ने में अव्वल तो थी ही,दिखने में भी खूबसूरत थी।यौवन की दहलीज पर कदम रखते ही,सपनों के राजकुमार के साथ अपने सुनहरे भविष्य के ख्यालों में रहने लगी थी। स्नातकोत्तर की परीक्षा उत्तीर्ण … Read more

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