पुरुष की अनोखी परिभाषा – रश्मि सिंह : short story with moral

सुमित-अम्मा ये लो दवाई और पानी। अब खाकर थोड़ी देर सो जाओ, मैं यही तुम्हारे पास हूँ। रागिनी (सुमित की भाभी)-सुमित कहा रह गए, दवा पानी  देते देते सो गये थे क्या। जाओ जल्दी गेहूँ पिसवाकर लेकर आओ, जल्दी आना नहीं तो बहुत मारूँगी तुम्हें। यहाँ सुमित कोई छोटा बच्चा नही है, जिसे मारने की … Read more

सोच का दायरा – अंजना ठाकुर : Short Stories in Hindi

मांजी आज  ये अभी तक नही आए और फोन भी नही लग रहा  निकिता की निगाहे दरवाजे पर लगी थी अमर अभी तक आया नही था वैसे आठ नौ बजे तक आ जाता है आज दस बज चुके थे चिंता मैं निकिता अंदर बाहर हो रही थी निर्मलाजी बोली चिंता मत कर कही फस गया … Read more

धैर्यवान पुरुष

कामिनी और राज की गृहस्थी हँसी- खुशी से बीत रही थी। एक प्यारा- सा बेटा भी था। कामिनी और राज एक ही काॅलेज में पढ़ते थे। दोनों की विचार धाराएँ मिली, प्रेम का पौधा पनपा और दोनों एक सूत्र में बंन्ध गये। परिवार वाले भी खुशी-खुशी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया था। कामिनी को … Read more

कैसे पुरूष हो पत्नी को खुश नहीं रख सकते ? – अर्चना खंडेलवाल

ये क्या इतनी हल्की साड़ी, ये मै नहीं पहनूंगी, आज मेरा जन्मदिन है,कुछ तो अच्छा लेकर आते,किसी होटल में पार्टी रखते, तुमने तो मेरा मूड ही खराब कर दिया, अभी मधु जीजी के जन्मदिन पर वैभव जीजू ने उन्हें दस हजार की साड़ी दी थी, और ये साड़ी तो दो हजार की ही लग रही … Read more

वरदान – ममता भारद्वाज : Short Stories in Hindi

आज कांताजी और उनके पति वीरेंद्रजी को स्वास्थय दिवस के अवसर पर सरकार द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप मे सम्मानित किया जा रहा था। इतना सम्मान पाकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू आ गए और कुछ पलों के लिए वो अपने अतीत में खो गई।     कांताजी उस समय केवल … Read more

मेरे हमसफ़र – पूजा गीत : Short Stories in Hindi

नीति और मधुर की शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे और नीति माँ बनने वाली थी. सब कुछ सही चल रहा था, दोनों उत्साहित भी बहुत थे. हर समय दोनों के मन में अपने बच्चे को लेकर नये सपने पनप रहे थे. और ऐसा हो भी क्यों न! माता-पिता बनने से बड़ी ख़ुशी … Read more

वो है की मानते नही –  दीपा माथुर : Short Stories in Hindi

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम लोग करे मीरा को …. मोबाइल की रिंग टोन सुन कौशल्या जी रूम से निकली और बोली ” महक बिटिया किसी का कॉल है बार बार रिंग बीवीबोल रही है रिसीव कर लो ना जाने किसे जरूरी काम हो ” महक आटे के सने हाथ से हॉल में आई … Read more

घमंड हुआ चूर (हास्य ) – अनुराधा श्रीवास्तव “अंतरा”

जिला अस्पताल के सीएमओ साहब आज फिर किसी बात पर उखड़ गए थे और बड़े बाबू को डांट फटकार लगाने लगे। वैसे तो यह सीएमओ साहब का रोज का काम था.. जरा जरा सी बात पर आपे से बाहर हो जाते फिर यह भी ना देखते कि सामने वाले को क्या-क्या बोले जा रहे हैं….. … Read more

प्यार के मौसम – स्नेह ज्योति : Romantic Love story in Hindi

सोचो के झीलों का शहर हो उसमें अपना एक घर हो ..ये सुनने में जितना अच्छा लगता है। हक़ीक़त में झीलों का शहर सब उथल पुथल कर देता है । ये कहानी भी ऐसे ही झीलों के शहर की है ,जिसमें सब तैर कर पार जाना चाहते है ।वीर और आरोही दो नाम ,दो जान … Read more

“समझदारी” – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral stories in hindi

गौरी शंकर बहुत सुलझे हुए व्यक्ति थे,हालांकि सत्तर की उम्र पार कर चुके थे पर फूर्ति शरीर में जवानों वाली आज भी बरकरार थी।रोज सुबह शाम नियमित घूमने जाते,कसरत करते और अपने आधा दर्जन दोस्तों के साथ गपशप करते। उनके दोस्तों मे सूरजमल,किशन सिंह,राधेश्याम और अनवर अली मुख्य थे जो शायद बहुत लंबे समय से … Read more

error: Content is protected !!