खुशियों के रंग – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : दीपक ने घर आते ही मम्मी पापा के पैर छुए.. और पास में ही बैठ गया! दीपक नोएडा में इंजीनियर था, और कुछ दिनों की छुट्टी लेकर मेरठ आया हुआ था!  इधर-उधर की बातचीत के बाद दीपक ने अपनी मम्मी से पूछा… मम्मी यह कशिश को क्या हो गया? यह … Read more

क्यूंकि सास भी कभी बहू थी – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : लीजिए मां जी… आज मैंने शाम के नाश्ते में मटर के छोले बनाए हैं बहू, नमिता ने ट्रे में सजी हुई कटोरियां, अपनी सासू मां सरिता जी के आगे कर दिया।  मटर के छोलों पर कटे हुए प्याज,हरी धनिया की चटनी, नमकीन,सोंठ की लाल चटनी,तले हुए आलू का पीस….करीने से … Read more

लंच बॉक्स – किरण केशरे  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : नीलू समीर के साथ गुजरात की यात्रा पर पिछले आठ दिनों से निकली थी पावागढ़, दीव, द्वारका से हुए जयपुर आए थे।  दिनभर जयपुर की सैर कर जब थक गए, तब समीर ने कहा क्यों न अब अच्छे से रेस्टोरेंट में खाना खाया जाए।  नीलू ने भी हामी भर दी … Read more

प्रारब्ध – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : पावँ लगे बाबू साहब,आप यहाँ?          बाबू साहब संबोधन सुन उन्होंने निगाह उठा कर देखा तो सामने वाला व्यक्ति सिल्क का कुर्ता और सफेद झक धोती पहने सामने खड़ा था,कोई रईस लग रहा था।मस्तिष्क में प्रश्न कौंधा यह व्यक्ति उसे इस कदर सम्मान क्यो दे रहा है?वैसे भी अब वो गुजरा … Read more

सावित्री कला बुटीक – ऋतु गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : खम्मा घणी ताई सा… कैसी हो ताई सा….. घर में घुसते ही  कला ने अपने ससुराल के पड़ोस में रहने  वाली ताई सा सावित्री देवी जी को प्रणाम किया। सावित्री देवी अपने घर में अकेली रहती थी ,उनके कोई आस औलाद नहीं थी, पर उन्होंने गांव के हर बच्चे को … Read more

किस्मत या खुशकिस्मत – संध्या त्रिपाठी   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : गूगल… प्लीज बताइए… विक्टिम कार्ड , सिंपैथी , त्रिया चरित्र किसे कहते हैं ,ओ के गूगल ….     रूंधे गले से , आंखों में आंसू डबडबाए गूगल पर वॉइस रिकॉर्ड कर दीप्ति ने पूछा । आज दीप्ति बहुत परेशान थी । बात सुबह की ही  तो थी , रविवार की छुट्टी का … Read more

किस्मत का फेर – संगीता त्रिपाठी   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi :  उफ़्फ़ इस जंगली बेल के साथ मै कैसे जीवन बीता सकता हूँ, ऊँची साड़ी, होठों के बाहर तक फैली लिपस्टिक, राघव ने चिढ़ कर मुँह फेर लिया। जूली की करीने से लगाई गई लिपस्टिक और आँखों में लगाया आई -लाइनर याद आ गया।और एक ये महारानी हैं जो ना साड़ी … Read more

* एक ठोकर * – पुष्पा जोशी : Moral Stories in Hindi

   पूनम बहुत ही सुन्दर और समझदार लड़की थी, संकोची स्वभाव की, बहुत कम बोलती थी। उसके पिता का एक रोड़ एक्सीडेंट में निधन हो गया था, और माँ बसंती कुछ घरों में झाड़ू, पौछा और बरतन का काम करती और अपनी बेटी को पढ़ा रही थी। वह सेठ धनीराम के यहाँ भी काम करती थी … Read more

सपनों का सौदागर – किरण केशरे : Moral Stories in Hindi

नही कुणाल तुम मेरे घर मत आया करो, तुम्हें अगर नोट्स चाहिए तो रोज क्लास अटेंड करो; मौली ने सपाट संयत स्वर में कुणाल से कहा दोनो केंटीन मे बैठे थे ; अरे इतना क्यों घबराती हो यार कह देना क्लास फ्रेण्ड है नोट्स लेने आता है, कुणाल ने मौली को कहा और मुस्कुराने लगा … Read more

बेड़ियाँ या उड़ान – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “ जब देखो घर से बाहर रहने का मन करता है… अरे जब ब्याह हो जाएगा तब जितना बाहर रहना हो रहना… चल जा कपड़े बदल और घर के कुछ काम काज सीख ।” राजवंती देवी ने अपनी पोती पीहू से कहा पीहू लाचार नज़रों से अपनी माँ की ओर … Read more

error: Content is protected !!