एक बार फिर (भाग 30 ) – रचना कंडवाल : Moral stories in hindi

शेखर प्रिया के जाने से अकेला हो जाता है। वो अपने दोस्त समर को बुलाता है। वो दोनों आपस में बातचीत करते हैं। समर उसे हौसला देता है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। शेखर अपने को काम में बिजी कर लेता है। दो दिन बाद जब शेखर ऑफिस से निकल रहा होता है तभी … Read more

किस्मत – संगीता श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शारदा देवी फूले नहीं समा रही थी। इसलिए कि उनके बेटे की शादी बहुत ही धनाढ्य परिवार में हो रही थी। लड़की वाले हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी सामान दे रहे थे जो उनके सोच से परे था। सबसे बड़ी बात कि इकलौती संतान थी। सब कुछ … Read more

धोखा… अपने ही देते है धोखा….ग़ैरों में कहाँ दम है! – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

” चाचा उस प्लाट के पेपर होंगे आपके पास, दे दीजिए प्लीज़ हमें।” ” कौन से पेपर और कौन सा प्लाट???” ” अरे! वही प्लाट और पेपर, जो पापा ने आपके कहने पर ख़रीदा था।” ” अरे! वह तो’ भू-माफ़ियों के क़ब्ज़े में है।” ” कैसे और कब ???चाचा आपने बताया नहीं कभी।” “ क्या … Read more

खराब किस्मत – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : कृष्णा अपने छोटे से परिवार के साथ बहुत खुश थी ।दो प्यारे प्यारे बच्चे और पति का छोटा सा बिजनेस था। ज्यादा कुछ नहीं था फिर भी कृष्णा खुश रहती थी । जबतक बच्चे पंद्रह साल के हुए तब तक सबकुछ अच्छा चल रहा था हंसी खुशी से समय कट … Read more

किस्मत का लेखा – अनिला द्विवेदी तिवारी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : रजनी एक सामान्य कद काठी और मध्यम रंगत की एक साधारण सी लड़की थी। बहुत पढ़ी लिखी भी नहीं थी। सिर्फ बारहवीं तक पढ़ाई की थी। लेकिन घर के काम काज में निपुण थी। रजनी चार बहनें और दो भाई थे। चारों बहनों में रजनी तीसरे नंबर की थी। पिता … Read more

किस्मत का खेल – आशा झा सखी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : किस्मत कब चमक जाये कुछ कहा नहीं जा सकता। कुछ न मिलते – मिलते भी एक दम भाग्य के सितारे बुलंद हो जाये और भाग्य का सितारा आभा बिखेरने को तैयार हो जाये। जिस चीज को पाने के लिए अथक प्रयास करते रहे और वो अप्राप्त रही, अचानक ही झोली … Read more

रोने से नहीं बदलती क़िस्मत – शुभ्रा बैनर्जी  : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शिवानी आंटी अपनी किस्मत लकीरों में ढूंढ़ ही नहीं पाई कभी।भोर की पहली किरण के निकलने से पहले ही उठ जाती थीं।कॉलोनी में धनवान घरों के कपड़े धोती थीं वह।सुबह सवेरे कॉलोनी के सार्वजनिक नल में कपड़े धोते -धोते ही उजाला हो जाता था।वापस आकर आंटी पापड़,चिप्स और बड़ी बनाने … Read more

कर्म की रेखा – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शहर के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान का भूमि पूजन समारोह हो रहा था अविनाश पिछले दस दिनों से दिन रात इसके लिए जुटा था गुड्डी के साथ सभी बड़े कार्यालयो में भागदौड़ करके सारे कागज दस्तावेज भली भांति तैयार करवाए थे उसने …आजकल छोटी सी दुकान खोलना कितना कठिन है … Read more

“मेरा कान्हा!” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “रोहन की माँ लो यह अपने पूजा पाठ का सामान… जितना याद आया था सब दुकान से लेकर आया हूँ । इस बार खूब मन से जमकर कृष्णाष्टमी मनाओ क्योंकि कान्हा जी ने तुम्हारी मन की मुराद पूरी की है।” माँ ने चौकते हुए कहा-” कौन सी मुराद ?” पिता … Read more

किस्मत बदलते देर नहीं लगती..! – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “अरे कमला!, आज इतनी देर क्यों लगा दिया? घर में पूजा है और तुम इतनी देर से आई हो?” मैंने उसकी तरफ बिना देखे हुए झुंझलाते हुए कहा । “भाभी जी माफ कर दो।थोड़ी दिक्कत हो गई थी?” “क्या हो गया था?” तभी मेरी नजर उसके माथे पर पड़ी। “अरे … Read more

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