मेरी आत्मा को दुखी कर तुम सुखी नहीं रह सकती हो – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

शहर की एक पॉश सोसाइटी में अर्जुन अपने परिवार के साथ एक आलीशान बंगले में रहता था। चमचमाती फर्श, वॉइस कंट्रोल लाइट्स, होम थिएटर, स्मार्ट किचन—घर में हर सुविधा मौजूद थी। पर इस आधुनिकता के बीच घर के एक कोने में चुपचाप रहते थे अर्जुन के माता-पिता—रमा और सविता। रमा अब 75 के हो गए … Read more

 “स्वार्थी संसार ” – सरोजनी सक्सेना : Moral Stories in Hindi

घुंघरू के स्वर की मधुर लहरी, खुरो के पद चाप का संगीत, खुरों से उड़ती धूल की सुगंध, कोयल की कुहू कुहू की मादक सुरीली मस्त आवाज, मानो ऐसी लग रही थी कि यही जीवन है । सूर्य देवता भी इस मनोरम दृश्य से मदहोश होकर ऐसे झांक रहे हैं, जैसे नई-नई दुल्हन अपने घूंघट … Read more

 जीवन है अगर ज़हर – रवीन्द्र कान्त त्यागी : Moral Stories in Hindi

किसी गहरी सोच में डूबी सी प्रतिभा देशपांडे रसोई के काम में लगी थी। तभी उन्हे लगा कि कोई उस से सटकर खड़ा हो गया है। उसकी सांसें गर्दन को छू रही थीं। उन्होने पीछे मुड़कर देखा तो बेटी अनुष्का सजल आँखों से उसकी ओर देख रही थी। “अरे, क्या हुआ अनु। परेशान सी क्यूँ … Read more

 पान की पेटी – सीमा सरदेशमुख बंगलोवाला : Moral Stories in Hindi

“निम्मी बेटा अंदर से मेरी पान की पेटी तो लाना”घर के आंगन में लगे आम के पेड़ के नीचे दादाजी खाट पर बैठे पेपर पढ़ रहे थे।पास में खेलती नमिता से उन्होंने कहा। 7 साल की नमिता  माँ बाबा के साथ छुट्टियों में दादा दादी के पास गाँव आई थी। “जी दादाजी , अभी लाई।”कहती … Read more

 ख़ुशी के दिन – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

यार मिनी…. मेरा तो जी खट्टा हो गया हैं माँ जी से … मन ही नहीं करता कि उनकी सेवा करूँ ,, उन्हे अच्छे से खाने पीने को दूँ .. उनका ख्याल रखूँ … कई बार तो वो आवाज लगाती रहती हैं पर वो पुरानी बातें याद कर खून खौल जाता हैं…अनसूना कर देती हूँ…बुरा … Read more

 मायके से उम्मीद रखने का हक – गीतू महाजन  : Moral Stories in Hindi

आज पूरे एक साल बाद मां बाबूजी के घर आकर राधिका को बहुत सुकून महसूस हो रहा था।घर की हर चीज़ को छू कर ऐसा लग रहा था जैसे मां ने उसे अपने आगोश में ले लिया हो। सुबह जब घर के सामने उसकी टैक्सी रुकी थी तो पल भर के लिए उसे ऐसा लगा … Read more

मैं बहू से माफी मांग लूँगी.

देख रहे हो अपनी बहू को…. इस घर में आये हुए 7 साल होने को आयें उसे ….. मजाल है कभी समय से उठी हो …. सूरज सर पर आ जाता है…. सुबह की चाय भी मैं ही बनाके पिलाती हूँ तुम्हे …. तुम जब दफतर ज़ाते थे…. देखते थे 4 बजे ही उठ ज़ाती … Read more

 ईश्वर की मर्ज़ी – विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

  ” ये क्या कामिनी बहन..आज फिर किसी अबला- बेसहारा को अपने घर ले आईं..जानती हैं ना इस#स्वार्थी संसार को…फिर भी..।”     ” ऐसी कोई बात नहीं है बहन..ये सब तो ईश्वर की मर्ज़ी से होता है…।” मुस्कुराते हुए कामिनी ने राजेश्वरी के हाथ में चीनी की कटोरी रख दी।     ” आपके हृदय को खूब समझती हूँ…।”हँसती … Read more

 हैं जवाब किसी के पास? – रोनिता कुंडु    : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी! कल मेरे पापा आ रहे हैं, पिंकी की शादी का कार्ड देने, निहारिका ने अपनी सास सुलक्षणा जी से कहा  सुलक्षणा जी:  अच्छा, हां तुमने तो बताया था की पिंकी की शादी तय हो गई है, वैसे कब है शादी?  निहारिका:  10 मई  सुलक्षणा जी:  अच्छी खासी गर्मी होगी, भई मैं तो तभी … Read more

ना मां बड़ी ना ममता – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय   : Moral Stories in Hindi

2 साल पहले कोरोना में अमरकांत जी का निधन हो गया था। उसके बाद से उनकी पत्नी की लगभग अकेली ही थी। उनके तीन बेटे थे ,तीनों ही शादीशुदा ।परिवार लेकर अलग-अलग शहर में नौकरी कर रहे थे। जब तक अमरकांत जी जीवित थे तब तक रुक्मणी जी को कोई फर्क नहीं पड़ता था लेकिन … Read more

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