लो सखि – पूर्णिमा सोनी : Moral Stories in Hindi

 आज फिर तुमसे, अपने दिल की बात करने बैठी हूं  अब ये दुनिया दारी और घर गृहस्थी के चक्कर में, दिल- विल जैसा तो कुछ रह  नहीं गया है  भले ही चले… अरे वेलेंटाइन वीक…. हमें क्या?  हम दिमाग़ लगाए के अपनी घर गृहस्थी संभाले या  दिल?  सैंया जी अपने काम धंधे में खटे और … Read more

” क्या यही प्यार है ” : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : ” सलोनी मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ !” विवेक सलोनी को गले लगाता हुआ बोला। ” मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ विवेक पर हमारे घर वाले कभी हमारे प्यार को स्वीकार नही करेंगे वो तो एक दूसरे के दुश्मन है !” सलोनी चिंतित स्वर मे बोली। ” … Read more

मेरी वजह से बच्चों को शर्म आती है –  हेमलता गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :  मम्मी यार …अपने आप को एक बार तो आईने के सामने देख लिया करो, आप तो रहने ही दो, मैं पीटीएम में पापा को लेकर चली जाऊंगी! पता है मम्मी.. मेरी सभी दोस्तों की मम्मी इतनी टिप टॉप अप टू डेट रहती हैं एक आप हो .. पता नहीं कैसे … Read more

मृगतृष्णा – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi :  अरे मंजू तुम, इतने दिन बाद  दिखाई दी, कहाँ खो गयी थी?         सरोज तुम, इस क्रूज पर, लगता है छुट्टियों का मजे लूटने  आयी हो.         हाँ तुम सही कह रही हो. बहुत दिन से घर से निकलना ही नहीं हो पा रहा था. आओ  तुम्हारा परिचय कराऊँ ये मेरे पति … Read more

पिता का दुख – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : हमारी पुष्पा आंटी जी पंजाबी और हमारे अंकल जी बंगाली। चाहे लव मैरिज समझो या अरेंज,क्या फर्क पड़ता है। दोनों खुश थे यही काफी है। समय बिता रहा उनके यहां पहले एक पुत्र ने जन्म लिया और फिर दूसरे पुत्र ने। उन अंकल आंटी की कहानी हमें मम्मी डैडी सुनते … Read more

निर्वस्त्र – मंजू तिवारी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : इस बात को लगभग 20 साल गुजर चुके हैं ।जब भी मैं याद करती हूं। मैं एकदम से व्यथित हो जाती हूं। शायद ही उस क्षड़ की व्यथा को मैं अपने शब्दों में बयां कर पाऊं शब्द कम पड़ रहे हैं जो मेरी स्थिति थी मेरी ही क्या मेरे साथ … Read more

वक्त गुजर जाने पर शर्मिंदगी ही हाथ लगती है – स्नेह ज्योति  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : एक दिन माँ को आने में देरी हो गई थी । मैं उनका बाहर खड़े होकर इंतज़ार कर रहा था , कि अचानक से एक तेज रोशनी मेरी आँखो में लगी । अंधेरे को चीरते हुए जब रोशनी दिखी तो मेरी नज़र कार से बाहर आते हुए पैर पर पड़ी … Read more

सच्चा मित्र – संगीता त्रिपाठी : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : वो शर्मिंदा थी, जिस पड़ोसन से उसने कभी बात नहीं की, वही कठिन पलों में आज उसके साथ थी।          दो साल पहले ही तो इस सोसाइटी में आई थी, सभी ने आगे बढ़ कर दोस्त की।धीरे -धीरे सुनंदा की दोस्ती माही,नमिता, पल्लवी, रीमा से हो गई,। सुनंदा के पति मर्चेंट … Read more

संस्कार – नीलम सौरभ

बड़ी हवेली में काम करने वाली राधा, आज जल्दी काम निबटाने की गरज से अपने साथ बिटिया रेवती को भी लेती आयी थी। आते ही दोनों, फैले-बिखरे घर को समेटने और धो-पोंछ कर चमकाने में जुट गयीं।                   गृहस्वामिनी शोभना जी देख रही थीं कि छोटी सी लड़की किस फुर्ती और सफाई से माँ के कामों … Read more

साथ : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : राकेश दफ्तर से घर आया तो उसने देखा उसकी पत्नी सीमा पूजा की तैयारियों में लगी हुई थी। आज सीमा का हरितालिका तीज का व्रत था जिसकी वजह से उसने चौबीस घंटे का निर्जला उपवास रखा हुआ था। राकेश ने सीमा से चाय माँगी तो उसने उसे थोड़ी प्रतीक्षा करने … Read more

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