कापुरूष (भाग -2) – माता प्रसाद दुबे : Short Moral Stories in Hindi

“कामिनी मुस्कुराते हुए बोली।” मैं ठीक कह रहा हूं, कुछ गड़बड़ी हुई है, जिसमें मेरा भी नाम आया है, मुझे कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है?”सत्य प्रकाश जी चिन्तित होते हुए बोले।”जो आदमी एक मच्छर तक नहीं मार सकता,वह भला गड़बड़ क्या करेगा,वह तो मैं ही हूं जो इतनी हिम्मत करके दशकों से … Read more

कापुरूष (भाग -1) – माता प्रसाद दुबे : Short Moral Stories in Hindi

सुनीता काफी खुलें विचारों वाली लड़की थी,अमीर लड़कों से दोस्ती करना,पार्टियां करना रात भर घर से गायब रहना यह सब उसकी दिनचर्या में शामिल था।उसे रोकने टोकने वाला कोई नहीं था, उसके हर काम में उसकी मां कामिनी उसका सहयोग करती थी, उसके पिता सत्य प्रकाश का अपनी पत्नी कामिनी व बेटी सुनीता पर कोई … Read more

हिम्मत – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : उस समय के उत्तर प्रदेश के काशी नगर जो अब उत्तराखंड में है, से दो मित्रो अनिल और अनूप ने मेरठ कॉलेज में उच्च शिक्षा हेतु प्रवेश लिया।घटना सन 1969 की है।रहने के लिये कमरा लेने के लिये अप्लाई किया तो उन्हें कॉलेज कैम्पस में ही स्थित मुस्लिम होस्टल में … Read more

आत्मग्लानि – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : “आपका बहुत-बहुत धन्यवाद डॉक्टर साहब मेरी पत्नी की सफलतापूर्वक डिलीवरी कराकर मेरी बेटी और पत्नी का जीवन बचाने  के लिए मैं तो उसके जीने से गिरने की खबर सुनकर बेहद घबरा गया था” रघुनाथ ने डॉक्टर महेश से कहा तो महेश मुस्कुराते हुए बोला” धन्यवाद मेरा नहीं अपने छोटे भाई … Read more

आत्मग्लानि – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : मालती जी को कोई बेटी नहीं थी। उन्हें घर की बहू बेटी जैसी ही दिखती थी।वो चाहती थी कि बहू को इतना प्यार दूं कि बेटी की कमी न रहे •••• वो हमेशा ही बहू को बेटी के नजरिए से देखती और वो हमेशा सोचती कि अगर मेरी बेटी ऐसी … Read more

मेरी माँ है – विभा गुप्ता: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई इसे हाथ लगाने की…टूट जाता तो……।” सावित्री ने ज़ोर-से चीखते हुए काँच का फूलदान दीपक के हाथ से छीन लिया।आठ वर्षीय दीपक सहम गया।नहीं कह पाया कि माँ आपके पैर से लगकर गिरने वाला था,आपको चोट लग जाती तो.., इसीलिए मैं उसे हटा रहा था…। … Read more

कमी अपनी परवरिश में – प्राची_अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

मालती ने आज पूरा घर फिर सर पर उठा रखा था। ससुर जी के खत्म हो जाने के पश्चात यह अब आम बात हो गई थी। मालती की सास दयावती खून का घूंट भरकर रह जाती। मालती अपनी छोटी बहन को पढ़ाई करने के लिए अपने साथ रहना चाहती थी लेकिन घर पर जगह उपलब्ध … Read more

मुझे भी शादी मे जाना है – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : ” मम्मा मम्मा ये क्या है ?” अलमारी साफ करते में सुनीति की चार साल की बेटी टिया इशारा करते हुए पूछती है। ” बेटा ये मम्मा पापा की शादी की एलबम है!” सुनीति बोली। ” मुझे देखना है मम्मा !” टिया बोली। ” ठीक है चलो बेड पर बैठो … Read more

नई सोच की नई पहल – संगीता त्रिपाठी: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : पाखी, भरी आँखों से कार में बैठ चली गई। अपर्णा खोई हुई सी बरामदे में रखी कुर्सी पर बैठ गई। ये वही बरामदा हैं, जहाँ वो सुबह की चाय पीना पसंद करती हैं , यहीं परिवार के लोगों के ढेरों विचारों का आदान -प्रदान और घर की हर समस्या का … Read more

कलाकृति (अंतिम भाग )-डॉ पारुल अग्रवाल : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi : थोड़े समय बाद जब बीमारी पर थोड़ा नियंत्रण हुआ तो स्कूल भी खुल गए। तीनों बच्चे एक साथ स्कूल जाते और आते। बच्चों के स्कूल आने पर अमृता अपने दोनों बच्चों को गले से लगाती पर पीहू को देखकर जैसे पत्थर हो जाती।वो बच्ची भी पता नहीं जैसे सब कुछ … Read more

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