साड़ी- प्रतिमा त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : – बहुत मुश्किल से आज रविवार को फुरसत मिली है। सुबह सुबह नाश्ते के समय ही माँ ने हिदायत दे दी थी कि, आज मुझे घर पर ही रहना है। शाम को कहीं चलना है, कहाँ जाना है, ये नहीं बताया। खैर, आज मैं भी आराम करने के मूड में … Read more

आत्मग्लानि – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : भोला झुक्की के बाहर बैठा सुबक रहा था। उसकी बड़ी बहन माया उसके बगल में बैठी उसका सिर सहला रही थी। स्कूल जाने के नाम पर बाबू मारता है और स्कूल में मैडम देखते ही गुस्सा हो जाती हैं। कहकर भोला मुॅंह दबाए निःशब्द रो रहा था। भोला और उसकी … Read more

आप लोगों की इतनी हिम्मत कैसे – अमिता कुचया : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आज सुधा अपनी ननद के घर दस सालों के बाद पहुंचने वाली थी।वो बहुत छोटे गांव से थी। उसने बहुत ही मुश्किल बच्चों को पढ़ा लिखा कर नौकरी के काबिल बनाया। उसके बच्चों  ने बाहर रहकर ही उच्च शिक्षा ग्रहण की थी।पर सुधा का रहन- सहन गांव में रहने के … Read more

पछतावा- संगीता अग्रवाल: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : बहुत दिनों बाद मिले थे वो दोनो,”कितनी पक्की दोस्ती हुआ करती थी कभी हमारी और आज देखो!अचानक मिल गए..” रंजन ने निशांत को गले लगाते कहा। कितना बदल गया है तू?पहचान ही नहीं आ रहा था,तबियत ठीक नहीं क्या?सब ठीक?? हम्मम.. बुझे स्वर में निशांत बोला,चल रही है जिंदगी…। रंजन … Read more

पल दो पल का साथ – स्नेह ज्योति: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : शंभु भागत हुआ अंदर आया , मैम जल्दी चले ! इस सीजन की पहली बर्फ गिर रही है । तभी शंभु ने मुझे झकझोरा मैम उठो और मैं धड़ाम से नीचे गिर पड़ी । ये देख शंभु घबरा गया क्योंकि वो नया नया ही आया था । उसे मेरे बारे … Read more

अनुसरण..! –  लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : सुबह पांच बजे का अलार्म  जोर जोर से बज रहा था लेकिन सुरभि की हिम्मत ही नहीं हो रही थी बिस्तर छोड़ने की… ठिठुरन भरी ठंड इतनी कि रजाई से बाहर निकालते ही हाथ की उंगलियां भी मानो बाहर की अनदेखी हवा से मिलने की हिम्मत नही बटोर पाती  थीं … Read more

हवन करते ही हाथ जले –   हेमलता गुप्ता: Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : आओ आओ रेनू बेटा, कभी थोड़ी बहुत देर हमारे पास भी बैठ जाया करो जब देखो तब हमेशा ही घर और बाहर के काम में लगी रहती हो। अरे घर की बहू हो, कोई नौकरानी थोड़ी। थोड़ा सा आराम तो तुम्हें भी चाहिए। वैसे क्या बात हो गई, कल तुम्हारे … Read more

अंतर्मन की लक्ष्मी ( भाग – 33) – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

“आप कमरे में चलिए पापा, मैं कुछ व्यवस्था करता हूॅं।” मनीष अपने पापा से कहता है। “बेटा, पहले अपनी माॅं को डॉक्टर से दिखा ला, उसके बिना ये घर नहीं चल सकेगा।” मनीष के पापा बहुत ही धीमे और क्षीण स्वर में कुछ इस तरह कहते हैं जैसे यदि किसी और ने सुन लिया तो … Read more

दहलीज – जगनीत टंडन : Moral Stories in Hindi

Moral Stories in Hindi : स्वाति ने आज अर्जुन को बहुत ज़ोर से डांट दिया। तीन साल का मासूम बालक सहम गया। सहम कर स्वाति के पास से भागकर अपनी दादी मां की गोदी में जा छुपा और जोर ज़ोर से रोने लगा। “अर्जुन,मेरे बच्चे क्या हुआ,बोल,बोल ना” दादी ने उसका चेहरा उठाकर देखा तो … Read more

कापुरूष (भाग -3 )- माता प्रसाद दुबे : Short Moral Stories in Hindi

सत्य प्रकाश जी के फोन पर काल आ रही थी, दूसरी तरफ से उनके आफिस से कोई बोल रहा था, कामिनी ने सत्य प्रकाश जी के घर पर होने की गलग सूचना देकर फोन काट दिया।समय के साथ ही कामिनी और सुनीता को सत्य प्रकाश जी के साथ कुछ गलत होने का भय सताने लगा … Read more

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