धाकड़ दीदी – विभा गुप्ता  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : अक्सर लोग विपरीत परिस्थितियों के आगे हार मान लेते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो उनका डटकर मुकाबला करते हैं और अपनी एक विशेष पहचान बनाने में कामयाब हो जाते हैं।उन्हीं में से एक थी नंदा सावरकर।         अपने तीन भाई-बहनों में नंदा सबसे छोटी थी।देखने में सुंदर और पढ़ाई … Read more

समय हर घाव भर देता है – पूजा शर्मा  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : भगवान अच्छे लोगों की इतनी परीक्षा क्यों लेता है सुधाकर जी जैसे सीधे और सरल इंसान  कैसे इतना बड़ा दुख सहन होगा? भगवान उन्हें दुख सहने की शक्ति दे। यही सब कहते हुए उनके बेटे की रस्म तेरहवीं मैं आए हुए सभी लोग विदा हो गए थे। केवल कुछ करीबी … Read more

पहचान (भाग 2)- डॉ संजु झा  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : मेरे विरोध करने पर मुझपर हाथ उठा दिया।थप्पड़ की गूँज मेरे शरीर से ज्यादा मेरी अंतरात्मा को बेध रही थी।इच्छा तो हो रही थी कि मैं भी पलटकर उसी तरह झन्नाटेदार थप्पड़ से जबाव दूँ,परन्तु संस्कारों की बेड़ियाँ मुझे जकड़ी हुईं थीं।इतना सब होने के बावजूद पति का रात में … Read more

पहचान (भाग 1)- डॉ संजु झा  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : मई महीने की ऊमस भरी गर्मी से तन और मन दोनों  में छटपटाहट और बैचैनी भरी हुई थी।।आसमान में सुबह से सूरज बादलों के साथ आंख-मिचौली खेल रहा था।कभी सूरज  बादलों की ओट में जाकर बिल्कुल छुप जाता और कभी अचानक से बादलों की ओट से निकलकर सारी पृथ्वी को … Read more

आज तो तूने मेरी माँ बन कर दिखा दिया बिटिया (भाग 1) – निभा राजीव “निर्वी”

“अरे आप भी ना….आप अभी तक निमंत्रण पत्र बांटने नहीं निकले…. अखबार आता नहीं है कि हाथ धोकर उसके पीछे पड़ जाते हैं…. जल्दी जाइए ना! मुझे भी परिधि को लेकर गहनों की दुकान पर जाना है। कितने सारे काम पड़े हैं अनिकेत को भी साथ ले लीजिए, थोड़ी मदद होगी!”…. गीता जी ने स्नेहपूर्ण … Read more

निर्भीक निर्णय! – प्रियंका सक्सेना  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : सुधा ऑफिस से देर से लौटी और माॅ॑ को देखकर एक फीकी मुस्कान देकर अपने कमरे की ओर बढ़ गई। “क्या बात है, परेशान लग रही हो सुधा?” पीछे से माँ ने बेटी का उतरा मुँह देखकर प्रश्न किया “कुछ खास नहीं माँ।  वर्क प्रेशर है, मार्च का महीना है … Read more

कशमकश ( भाग 2)- पूनम अरोड़ा

वह पाँच बजे तक ऑफिस से आ जाता जबकि अनिकेत के आने का तो कोई वक्त  ही नहीं था। उसे रिया के साथ बिताने को काफी समय मिल जाता था । वह उसके साथ उसकी बचपन की बातों , सहेलियों ,काॅलेज के जीवन की , उसकी रूचियों की बातें  कुरेद कुरेद कर पूछता। उसे पेंटिग्स … Read more

कशमकश ( भाग 1)- पूनम अरोड़ा

रिया और अनिकेत के विवाह को आज एक वर्ष पूर्ण हो गया था। खुश होने की बजाय रिया आज अधिक उदास थी । उसे आशा थी कि आज के खास दिन तोनिकेत उसकी भावनाओं को समझेगा व  सानिध्य  और आत्मीयता के कुछ पल उसे उपहार स्वरुप जिसके लिए उसका मन वर्ष भर तृषित रहा । … Read more

काजल -संध्या त्रिपाठी  : Moral stories in hindi

Moral stories in hindi  : अरे मोरी मैया ..एक तो बिटिया ऊपर से निच्चट करिया  (एक तो लड़की ऊपर से एकदम काली ) केकरे घरे जइहें ( किसके घर जाएगी) नवजात शिशु को देखते ही दमयंती के मुंह से एकाएक ऐसे वाक्य निकल गए…!  बच्चे के बगल में लेटी माँ समीक्षा ने लंबी सांस लेकर … Read more

दिव्या(भाग–2) : Moral stories in hindi

राघव के घर को फूलों से इस तरह से सजाया गया था, जैसे नई नवेली दुल्हन विदा होकर आ रही हो। दरवाजा फूलों की बेहद सुंदर माला और रंग बिरंगे आलोकों से सजा हुआ था। गहरे गुलाबी, लाल और हरा फूल भी एक नई नवेली दुल्हन की तरह उत्साहित थे। कमरे में फूलों की रंगीन … Read more

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