जेठानी का दोगलापन – लतिका पल्लवी : Moral Stories in Hindi

दीदी आपके मायके से तो जो तीज आएगा वही साड़ी आप पहनिएगा? आपकी माँ तो साड़ी मे फॉल पीको करवाकर और ब्लाउज बनवाकर भेजती है।आपको तो कोई दिक्क़त नहीं होता है पर मेरे मायके से तो पैसा आता है।आपको पता ही है,पापा आपके देवर के अकाउंट मे पैसा डाल देते है। कल ही पैसा आया … Read more

काली रात – निशा जैन : Moral Stories in Hindi

“ये क्या मां आप फिर रोने लगी, जब भी आप ऐसे इमोशनल सीन देखती हो बस रोने लग जाती हो।( सोनल टीवी पर पिता पुत्री के स्नेह को दर्शाता एक सीन देखकर भावुक हो गई)  अब तो नानाजी को गुजरे हुए भी 10 साल हो गए पर आपका उनको इस तरह रह रह कर याद … Read more

मेहंदी की वो काली रात – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“अरे लता कहाँ हो ….?शादी का घर है सब अपने में मस्त हैं….पता है कि नहीं शादी के घर में कितने काम होते…. दुबके पड़े हैं सब रजाई में।”सुबह सुबह गाँव से शहर पहुंची कम्मो बुआ घर में घुसते ही कृतिका की माँ को आवाज देने लगी “आई दीदी…..वो मैं नहा रही थी फिर आज … Read more

समझदारी – पूनम अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“बेटा , शाम को ऑफिस से आज जल्दी आ जाना । कोई तुम्हें देखने आने वाले हैं ”  पिता की आवाज सुन कर रागिनी के पैर ठिठक गये । वह माँ के पास जा कर बोली ” ऐसी भी क्या जल्दी है माँ ” । माँ ने प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरा और … Read more

मातृ सुख – खुशी :  Moral Stories in Hindi

नीति एक मस्तमौला लड़की थी उसे कोई जिम्मेदारी नहीं लेनी होती उसकी मां शारदा उसे कई बार कहती ससुराल में जब सास चोटी पकड़ के काम कराएगी तब समझ आएगा।नीति हंसते हुए कहती मै तो ऐसा घर ढूंढेंगी जिथे सास फोटो टंगी हो।शारदा बेशर्म कैसी बाते करती हैं।नीति के पिता मोहन जी एक अकाउंटेंट थे … Read more

 किराया दो या घर खाली कर दो – डॉ बीना कुण्डलिया  :  Moral Stories in Hindi

शकुन्तला जी कमर में हाथ रखे हाथों में दवाई का बंडल लिए धीरे धीरे अपने घर की तरफ वापस लौट रहीं थी। साफ जाहिर हो रहा था उनके कमर में पीड़ा और वो अस्पताल से आ रही हैं। घर के कुछ दूरी पर रास्ते में चार महिलाएं उनको देख आपस में धीरे धीरे फुसफुसाने, बड़बड़ाने … Read more

वो कौन थी – गीतू महाजन, :  Moral Stories in Hindi

गहराती रात में सड़क किनारे लगे पेड़ के नीचे वह पगली ना जाने कहां से आकर बैठ गई थी।बिल्कुल सुनसान सड़क पर शायद किसी का ध्यान उसकी तरफ गया ही ना होगा।अगली सुबह सब्ज़ी लेते वक्त अचानक निर्मला जी की निगाह उस पर पड़ी।मैले कुचैले कपड़े पहने, बिखरे बाल और बेतरतीब अवस्था में वह वहां … Read more

जब तुम माँ बनोगी तब पता चलेगा – के कामेश्वरी :  Moral Stories in Hindi

सुचित्रा खाना बना रही थी कि फोन की घंटी बजी …… पति कृष्णमूर्ति सब्ज़ियाँ लाने के लिए बाज़ार गए हुए थे …….. इसलिए उसने ही फ़ोन उठाया …….. अभी हेलो कहा भी नहीं था कि बेटी सुधा ने कहा …… माँ मुझे आप से अर्जेंट काम आ गया है ……. दो दिन के लिए मेरे … Read more

 काली रात – हेमलता गुप्ता :  Moral Stories in Hindi

जितना उस काली रात को मुग्धा भूलना चाहती थी उतनी ही उसे तड़पाती!  उस काली रात को मरते दम तक नहीं भूल सकती! कितने खुश थे मुग्धा और रजत! नौकरी के सिलसिले में परिवार से दूर रहते थे, शादी को 4 साल हो गए थे किंतु अभी तक बच्चों का सुख उन्हें नसीब नहीं हुआ … Read more

बहनों का आपसी प्यार – अमिता कुचया :  Moral Stories in Hindi

रीमा जी खाने पीने की बहुत शौकीन थी, उन्हें कुकिंग का बहुत शौक था। जब से शुगर और ब्लडप्रेशर के साथ घुटने की समस्या हुई, वो खाने पर नियंत्रण रखने लगी। उनकी छोटी बहन सीमा आती तो वो सब भूल जाती है, उन्हें उससे इतना लगाव है कि उन्हें लगता था कि क्या- क्या बना … Read more

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