विश्वास – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi
“नमस्ते आंटी जी,कैसी हो?”रसोई की खिड़की के पास खड़ी होकर छुटकी चहक रही थी।बेटी ने पूछा कि नाम क्या है मम्मी इसका,पर शिवानी को खुद ही नहीं पता था छुटकी का नाम।दो साल पहले अपनी मां का हांथ पकड़ कर मुस्कुराते हुए मिली थी छुटकी।मां के पैर में पोलियो था,जिस कारण चलने में तकलीफ़ हो … Read more