धोखा – मंजू ओमर : Moral stories in hindi

अरे अनंत सिर्फ दुकान चलाने और पैसा कमाने में ही व्यस्त रहता है कि कुछ घर पर और बच्चों पर भी ध्यान देता है। काहे दीपक भइया ऐसा क्यों कह रहै हो अंनत बोला । अरे श्रेया अब बड़ी हो रही है जरा उसपर भी ध्यान रखा करों कहां जा रही है किससे मिलजुल रही … Read more

आशा की किरण – पुष्पा जोशी : Moral stories in hindi

     आज रीना अन्यमनस्क सी बैठी थी, उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे।अपनी परेशानी किससे कहें चारों तरफ अंधेरा नजर आ रहा था, लग रहा था कि उसके सारे सपने बिखर गए हैं।कितना अरमान था उसका कि पढ़ लिखकर आत्मनिर्भर बनेगी। लेकिन बी.ए.द्वितीय वर्ष के बाद ही ऐसी स्थिति … Read more

पश्चाताप – प्रतिभा परांजपे : Moral stories in hindi

सुबह से फोन पर फोन आ रहे थे। आज मेरा  जन्मदिन जो है मम्मी भाभी यहां तक के ननंद का भी फोन आ गया करीबन 2:00 बजे मोबाइल बज उठा ,अंदाज़ तो था ही सुप्रिया का ही होगा । ‘हाय सखी कैसी हो, जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं’ वगैरह बातें हुई।  “और बता ,कितने दिन हो … Read more

तीन बेटों की अम्मा…रश्मि झा मिश्रा : Moral stories in hindi

कितनी ठसक में रहती थी अम्मा…. आखिर तीन बेटों की मां जो थी… अपनी जवानी के दिनों में जब पान चबाती… सर ढके… शान से मटकती निकलती.. तो रमा काकी अक्सर टोक ही देती थी.…” क्या दीदी सुबह-सुबह कहां होली… हम तो अभी तक चौके बर्तन से ही ना उबरे… नहाना धोना ना हुआ… और … Read more

शगुन – गीता वाधवानी : Moral stories in hindi

दादी ललिता अपनी पोती प्रगति के गले लग कर रो रही थी। वे थोड़ी देरऐसे ही रोती रही फिर प्रगति ने कहा-“बस करो दादी, ऐसा ना हो कि आपके आंसुओं से बाढ़ ही आ जाए।”  “चल हट नटखट”और दादी ललित हंस पड़ी।  दरअसल प्रगति ललिता जीकी सबसे छोटी औरतीसरी पोती थी। ललिता जी जब प्रगतिके … Read more

समयचक्र – सोनल जोशी : Moral stories in hindi

भाभी का फ़ोन आने के बाद अरुणा काफ़ी देर तक असमंजस में थी. उसके पति विनय ने उससे पूछा तो उसने बताया कि भाभी ,नेहा और रिया के साथ कल सबेरे आ रही है, नेहा के लिए कोई रिश्ता देखने आ रहे थे. पहले कितने बार बुलाया, पर भाभी नहीं आई , इस बार बड़ी … Read more

हरे धनिया की सिलबट्टे वाली चटनी – संध्या त्रिपाठी : Moral stories in hindi

       वाह वाह …क्या खाना बनाया है यार इंदु…… मजा आ गया और यह हरे धनिया की चटनी ….वो भी सिलबट्टे वाली…. इसका तो जवाब नहीं…. लीना तारीफ करते नहीं थक रही थी…! बस कर लीना तू कुछ ज्यादा ही तारीफ कर रही है ….इतने लोगों में बस तुझे ही खाना इतना ज्यादा पसंद आया जो … Read more

महारानी – शुभ्रा बैनर्जी : Moral stories in hindi

“ओ!रानी,आज दोपहर को ही आ जाना तुम,देर मत करना।शाम को है पार्टी।कॉलोनी में सभी किसी और को बुलाने वाले थे,पर मैंने मना कर दिया।तुम्हें ही कुछ ज्यादा पैसे मिल जाएं तो अच्छा है।समझी ना तुम।”निशा ने रानी को अच्छे से याद दिला दिया। “जी,मेम साहब।आप बिल्कुल भी टेंसन मत लीजिए।मैंने सब सामान खरीद लिया है।छोले … Read more

खिलाफ – दिया जेठवानी : Moral stories in hindi

बैंच पर बैठी यशोदा के सामने रखी खाने की थाली में से आज एक कोऱ भी नहीं निकला हुआ देख मोहन बोला :- क्या हुआ बहन… किस सोच में डूबीं हुई हो..!  यशोदा की आंखों के पास और गालों पर पड़ी झूर्रियो से आंसू की एक धार यकायक बहने लगी..।  वो देख मोहन से रहा … Read more

करिश्मा – बालेश्वर गुप्ता : Moral stories in hindi

     बाबूजी,आज 100 रुपये  एडवांस में मिल जायेंगे तो बड़ी मेहरबानी होगी।वो है ना माँ की साड़ी लानी है।बस दो  धोती है,घिस गयी हैं।देख कर मुझे अपने पर शर्म आती है।        अरे पहले बताना था ना।अच्छा रुक जरा।—–ले ये साड़ियां मेरी पत्नी की है,अब किस काम की,तेरी मां पहन लेगी,उसे संतोष मिलेगा।और ये ले 100 रुपये … Read more

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