मन की गाँठ खुल गई – संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“मां मन को मार के खुश नहीं रहा जा सकता ये बात समझो तुम!” श्वेता अपनी मां शैलजा जी से बोली। ” तो मैं कौन सा उसका मन मार रही हूं। जो चाहती वो कर तो रही!” शैलजा जी तुनक कर बोली। ” ये मन मारना ही तो है मां … भैया को ऑफिस से … Read more

पट्टी पढ़ाना – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

शादी की तैयारियों से शोभा जी का घर गुलजार था।रंगोली से सजे आंगन में हँसी-ठिठोली का रंग बिखरा  था। सोना की शादी को बस एक हफ्ता बचा था। शोभा जी अपनी बेटी को —ससुराल के तौर-तरीके, रिश्तों की मर्यादा और व्यवहार की बारीकियां समझा रही थीं। एक दोपहर, जब घर में सिर्फ मां-बेटी थीं, बहू … Read more

पट्टी पढ़ाना – डोली पाठक : Moral Stories in Hindi

बचपन से हीं रजत का झुकाव मां की तरफ अधिक था…  इस बात के लिए वो सदैव पिता की आंखों में खटकता था…  वो रजत की मां अरूंधति से कहा करते कि- तुमने जाने कौन-सी पट्टी पढ़ा रखी है अपने बेटे को जो पूरे दिन तुम्हारे आंचल में दुबका रहता है…  दरअसल रजत पढ़ाई में … Read more

मन की गाँठ – डॉ ऋतु अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

  “आपको तो मेरी हर बात ग़लत लगती है। जब तक दीदी यहाँ नहीं आतीं तब तक तो आपको मुझसे कोई शिक़ायत नहीं होती पर जैसे ही दीदी आती हैं आपको मेरी हर बात बुरी लगने लगती है। उनके जाने के बाद तो आप मुझे डाँटने, सुनाने और झगड़ने का कोई मौका नहीं छोड़तीं।” परिधि जोर-जोर … Read more

आपको बहु नहीं, चलता फिरता रोबोट चाहिए – सुदर्शन सचदेवा : Moral Stories in Hindi

जब मेरी शादी की बात चल रही थी तो चौंका देने वाली बात मेरी सासू मां ने कही – उन्होने सीधा ऐलान कर दिया – मुझे बहु नहीं, मुझे तो रोबोट चाहिए |  पापा, चाचा, चाची , मासी, भैया , सब हैरान !  आश्चर्य जनक चाचू ने पूछा , क्या कहा !  मां ने अपना … Read more

आपको बहू नहीं चलता फिरता रोबोट चाहिए” – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

“रश्मि मेरे कपड़े क्यों नहीं निकाले अभी तक ।ऑफिस में अक्सर देर से पहुंचता हूं एक तो सड़क पर ट्रैफिक की मारा मारी ऊपर से तुम कोई काम वक्त पर करती नहीं हो”राजेश ने घर सिर पर उठा लिया था ये एक दिन की बात नहीं थी।सुबह की सैर के बाद लाॅन में बैठे सास … Read more

**ग़लती** – ममता चित्रांशी : Moral Stories in Hindi

       आंख खुली तो देखा घड़ी में सात बजे है, रश्मि घबराकर उठी,आज तो उठने में देर हो गयी …बाहर आयीं तो सासूमां का बोलना चालू हो गया …!!    उठ गयी महारानी …!!  आज चाय कब मिलेगी ..?? शादी को दस साल हो गये,आज तक समय पर काम करना नहीं आया …!!      जल्दी से चाय बनाकर … Read more

आपको बहु नहीं रोबोट चाहिए – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

सुबह के हल्के कोहरे के बीच कॉलोनी की छतों पर धूप अब तक पूरी तरह नहीं फैली थी। घर के भीतर घड़ी की सुइयाँ जैसे सारा की धड़कनों के साथ दौड़ रही थीं। रसोई से उठती चाय की भाप और गीले गैस का धीमा सुलगता स्वर, उस घर की रोज़ की कहानी कहते थे। सारा … Read more

मौन स्वीकृति… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…”रितु उसे गोद ले ले बेटा… देख तो कब से रोए जा रहा है… तुम्हारी भाभी अंजना किचन में है ना…!” रितु ने आशु को उठाकर गोद में ले लिया… कल फिर आशु के पैर के पास चीटियों की लाइन चली जा रही थी…  कनक लता जी ने देखा तो चिल्ला पड़ीं…” रितु बाबू को … Read more

पत्नी से बहू तक का सफर – डा० विजय लक्ष्मी : Moral Stories in Hindi

शालिनी के हाथ की थाली का , आरती का जलता दिया ,आंखों की अश्रु बूंद से धुंधला हो रहा था। घर में रौनक भरी हँसी-ठिठोली गूंज रही थी, आज छोटे बेटे अर्जन की दुल्हन ब्याह कर आ रही थी। हर चेहरे से खुशी छलक रही थी, पर शालिनी का मन भीतर  सिसक रहा था। उसका … Read more

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