आ अब लौट चलें- नरेश वर्मा : Moral Stories in Hindi

  ट्रेन किसी पुल से गुजर रही थी।खिड़की के बाहर नदी के नाम पर दूर तक एक रेतीला मैदान भर था।पटरियों से गूंजते खट-पट के स्वरों के मध्य पुल के गुजरते खंबे ही अहसास करा रहे थे कि ट्रेन किसी नदी से गुजर रही है ।पिछली बार जब वह घर से विद्रोह करके गई थी तब … Read more

गैरों पे रहम-अपनों पे सितम – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“अम्मा! क्या हुआ क्यों मुँह फुलाए बैठी हो? संजय ने ऑफिस से आकर शीला जी से पूछा!  “कुछ नहीं बस सब ठीक है” अम्मा ने बेटे के सामने बेबस सा होने का दिखावा किया!  संजय”कुछ तो है मुझे तो बताओ ना! मधु ने कुछ कहा है क्या?” अम्मा ने साड़ी का पल्ला मुँह पर रख … Read more

बुज़ुर्ग उम्र के मोहताज नहीं !- प्रियंका सक्सेना : Moral Stories in Hindi

रिटायरमेंट के बाद रमाकांत जी अपने बेटे सूरज के पास मुंबई रहने चले गए। पत्नी रमा की मृत्यु चार साल पहले हो गयी थी।  बेटी पायल की दो महीने पहले शादी करके अपनी सारी जिम्मेदारियों से निवृत हो चुके हैं। रिटायरमेंट की पार्टी के बाद बहू सीमा और सूरज कहने लगे कि अकेले कैसे रहेंगे … Read more

सफारी सूट- हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

मधु बेटा… तेरी  दादी सास के लिए बनारसी साड़ी और तेरी दादी ससुर के लिए सफारी सूट का कपड़ा भिजवाया है, उनसे कहना इस बार  सूट सिलवा ले, आखिर  उनके पडपोते का जलवा पूजन और तीसरा जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है, बाकी तो तेरे सास ससुर, नंद नंदओई और सभी परिवार वालों … Read more

काश- संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

ड्रेसिंग टेबल के सामने खड़ी होते ही विधि ने ध्यान से अपना चेहरा देखा…..अरे आज तो उसके चेहरे की झाइयाँ कुछ ज्यादा ही गहरी दिखाई दे रहीं थीं…….ओह मैंने तो ध्यान ही नहीं दिया……या शायद समय ही नहीं मिला ध्यान देने का…..! ये चेहरे पर झुर्रियां भी पड़ने लगी…. क्या मेरा  ” बुढ़ापा ” आने … Read more

दो पल के गुस्से से प्यार भरा रिश्ता बिखर जाता है- पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

अभय की शादी की दूसरी वर्षगांठ थी वह नहीं चाहता था पिछली बार की तरह तान्या इस बार उसकी किसी बात पर अपना मूड खराब करें इसलिए आज उसने एक होटल में सरप्राइज पार्टी रखी थी जिसमें उसने कुछ खास खास लोगों को ही निमंत्रण दिया था जिसमें अभय की बहन और तान्या के मायके … Read more

हमसफर – हिमांशु जैन मीत : Moral Stories in Hindi

जीवन की आपाधापी में ख्वाबों का संसार सजाना बहुत ही जतन भरा काम है। अपने इसी स्वप्न नीड़ को सजाने निकले निशा और राजीव अपने नीड़ को संजोने की जी तोड़ कोशिश कर रहे थे। लेकीन कुछ पाने के लिए वक्त के इम्तिहानों से दो चार होना ही पड़ता है…. ये कहानी है एक ऐसे … Read more

रिश्ते अनमोल होते हैं – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

” ये क्या भाभी…आप कैसी साड़ी लेकर आईं हैं?बड़े घर में लेन-देन कैसे करना चाहिये…इसका सलीका आपको बिल्कुल भी नहीं है।आखिर मिडिल क्लास की जो ठहरीं…।” कहते हुए चारु ने गुस्से-में अर्चना भाभी द्वारा लाई हुई साड़ी को पलंग से उठाकर नीचे फेंक दिया।उसकी भाभी रोती हुई चली गई।तब उसकी सास उसे समझाते हुए बोली,” … Read more

लकीर – श्वेता सोनी : Moral Stories in Hindi

अनुज के लिए दक्षा का रिश्ता आया था. मालिनी जी को सहज विश्वास ही नहीं होता कि अनुज इतना बड़ा हो गया. ऐसा नहीं लगता कि सब कुछ कल ही की बात हो एक लंबा समय व्यतीत हुआ है मगर मां के लिए कभी उसका बच्चा बड़ा नहीं होता आज भी अनुज के बचपन के … Read more

क्या बुढ़ापा ऐसा भी होता है – निशा जैन: Moral Stories in Hindi

आज घर में एक तरफ जहां सब घर की लाडली बेटी की शादी में व्यस्त थे वहीं दूसरी तरफ घर की मुखिया जानकी जी अपने कमरे में बैठी अपने भाग्य को कोस रही थी और आंसू बहा रही थी यही सोचकर कि ऐसी जिंदगी देने से तो अच्छा है भगवान उठा ले। तभी उनके पति … Read more

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