बड़ा बेटा – गीता वाधवानी Moral Stories in Hindi

छोटा भाई जितेंद्र उर्फ जीतू गुस्से में अपने बड़े भाई नरेंद्र के सामने रखी सेंटर टेबल पर कागज पटकते हुए बोला-“साइन कर दीजए।”  नरेंद्र ने पूछा -“क्या है यह?”  जीतू इस सवाल के लिए तैयार नहीं था इसीलिए हड़बड़ा गया और घबराकर बोला-“मैं अपने बिजनेस के लिए बैंक से लोन लेना चाहता हूं। उसी के … Read more

रिश्तो की जरूरत – रोनिता कुंडु Moral Stories in Hindi

नेहा..! तुम आ गई..? तुम बैठो मैं तुम्हारे लिए पानी लेकर आती हूं… वही अरनव बैठा टीवी देख रहा था… नमिता के ऐसा कहते ही अरनव थोड़ा चिढ़ गया… थोड़ी देर में नेहा के लिए, नामित पानी लेकर आती है… जिसे पीकर नेहा कहती है… बड़ी राहत मिली दीदी… बहुत गर्मी है, बहुत थक भी … Read more

सासु मां आप मुझे बेटी बनाकर लायी थीं। लेकिन बहु का भी हक नहीं दिया। – राधा कुमारी Moral Stories in Hindi

आज के समाज में बहु के मन की ये सबसे बड़ी व्यथा है। जब लड़के के परिवार वाले लड़की देखने जाते है तो इस बात को बहुत गर्व के साथ कहते है कि हम बहु नहीं बेटी ले जाएंगे। शादी होने के बाद बहु कितना दहेज ले आयी इस बात पर उसका सम्मान तय किया … Read more

रिश्तो की डोरी टूटे ना – मनीषा सिंह। Moral Stories in Hindi

“शीतल—- तुम्हें मेरे जज्बात से खेलने का हक किसने दिया?  मेरे साथ ये प्यार का नाटक किस लिए ?  क्यों इतने दिनों से मुझे इस भ्रम में रखा कि मैं दुनिया का सबसे खुशनसीब हूं जिसे तुम मिली थी? कहां गए तुम्हारे कसम, जो तुमने साथ जीने- मरने के खाए थे? मुझे तो घिन आती … Read more

साथ न छोड़ने की कसम ली – बिंदेश्वरी त्यागी Moral Stories in Hindi

मुझे सपने देखने की आदत थी l पढ़ाई के दौरान जब मेरी शादी की बात होने लगी तो मैं सोचती कि मेरा एक घर होगा सुंदर सा पति होगा और मैं और मेरे पति खुशी खुशी उसे घर में रहेंगे l खूब घूमेंगे फिरेंगे और अपने घर को सजाएंगे l पढ़ाई में शुरू से मेरी … Read more

समझदारी से रिश्ते मजबूत बनते है । – संगीता अग्रवाल Moral Stories in Hindi

 ये क्या है सुन्यना आज फिर पोहा बनाया है तुमने नाश्ते मे तुमसे कितनी बार कहा है मुझे पोहा नही पसंद !” रितेश नाश्ता देख गुस्से मे बोला । ” वो मेरी आँख देर से खुली फिर जल्दी जल्दी मे यही बन पाया बस आज खा लीजिये कल कुछ ओर बना दूंगी!” सुन्यना बोली । … Read more

सासू मां मुझे माफ कर दो.. – अर्चना खंडेलवाल Moral Stories in Hindi

‘ये तो खुशी की बात है, रिंकू की शादी तय हो गई, नंदिता जी अपने पति कमल जी से कह रही थी, छोटी तो कब से बहू ढूंढ रही थी, पर इतनी जल्दी पन्द्रह दिनों में ही शादी कर पायेंगी। क्यों ना कर पायेगी, तुम्हारी बहन जो है, तुम्हारे सारे गुण उसके अंदर है, देखना … Read more

प्रेयसी नहीं,प्रेरणा – शुभ्रा बैनर्जी Moral Stories in Hindi

मैत्रेई”बड़ा ही विशिष्ट महसूस होता था अपने आप में यह नाम। सामान्यतः देखने -सुनने को नहीं मिलता था यह नाम। मैत्रेई की मां ने रखा था उसका नाम। अर्थ जानने की कभी जिज्ञासा ही नहीं हुई। मां-पापा तो “मीतू”ही बुलाते थे।भाई -बहनों ने मीतू दीदी कहा,और मोहल्ले में मीतू ही प्रसिद्ध था।बचपन में पापा के … Read more

औरत का असली धर्म – शनाया अहम् Moral Stories in Hindi

ये क्या अनाप शनाप पका के रख दिया तुमने , एकदम बकवास।   न घर से कोई ख़ास दहेज़ लायी न ही खाना पकाने और ससुराल वालों को खुश रखने का तरीक़ा सीख कर आई।  सारा दिन बस इसे सिखाते रहो, जो इसकी माँ सीखा के भेजती तो आज हमें सीखाना न पड़ता।  अपने रूप के … Read more

प्यार की बेल- रंजना आहूजा Moral Stories in Hindi

अनुज आज अस्पताल से निकला तो घर जाने के बजाय सागर की ओर बढ़ गया ।  दिवाली के बाद  ठंड अपने आगमन की दस्तक दे रही थी ।  ढलती शाम में कुछ लोग दोस्तों संग , कुछ  अपने साथी की बाहों में बाहें डाले, तो कुछ अकेले ही सागर की लहरों का आनंद उठा रहे … Read more

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