अपना किया खुद ही भुगतना पड़ता है… – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“उसका शरीर बुख़ार से तप रहा था …फिर भी तुमसे नहीं हुआ कि उसे दवा दे दो…. देखना सुचि कहीं ऐसा ना हो तुम उससे दूरियाँ बढ़ाती जाओ और तुम्हारे बच्चे तुमसे…।” जीवन जी की ये बात याद कर आज सुचि के बहते आँसू रूक ही नहीं रहे थे  सुचि अपने कमरे में बुख़ार से … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -15 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

रोहित ने अपने पापा से मन की बात साझा करते हुए कहा, “मैं मुंबई में ‘जीवन का सवेरा’ शुरू करना चाहता हूँ। ये भी अभी आरुणि से डिस्कस नहीं किया है मैंने।” रोहित के पापा इस विचार को सुनकर गहराई से सोचने लगे। तभी गोपी चाचा, जो पास ही खड़े थे, उत्साहित होकर बोले, “ये … Read more

जीवन का सवेरा (भाग -14 ) – आरती झा आद्या : Moral stories in hindi

रोहित ने अपने पापा से मन की बात साझा करते हुए कहा, “मैं मुंबई में ‘जीवन का सवेरा’ शुरू करना चाहता हूँ। ये भी अभी आरुणि से डिस्कस नहीं किया है मैंने।” रोहित के पापा इस विचार को सुनकर गहराई से सोचने लगे। तभी गोपी चाचा, जो पास ही खड़े थे, उत्साहित होकर बोले, “ये … Read more

बेटियाँ पराई हैं – श्वेता सोनी : Moral Stories in Hindi

शाम हो गई थी, सुलेखा माँ की राह देख रही थी, सड़क की तरफ देखने के लिए वह टेरिस पर आ गई,आज गुलाब के पौधों में कितने सारे गुलाब खिले हैं. सब सुलेखा के लगाए हुए हैं.कितनी छोटी सी है ना उसकी और माँ की दुनिया.. पापा के चले जाने के बाद बस वही दो … Read more

टूटते रिश्ते जुड़ने लगे – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

रात का खाना खाते समय रेवती बहुत चुप चुप थी। एकदम शांत और गंभीर, पर उसके भीतर एक बहुत बड़ा तूफान करवटें ले रहा था। रेवती समझ नहीं पा रही थी कि वह सही सोच रही है या गलत। उसे गहरी सोच में डूबे देख कर उसके पति राघव ने पूछा -“क्या बात है रेवती, … Read more

बहन की शादी – डाॅ उर्मिला सिन्हा’ : Moral Stories in Hindi

“जरी जरी मेरी साड़ी सलमा सितारा जरी सड़िया पहन मैं छत पर गई थी गरी गरी मेरी साडी़ सजना के दिल में गडी़। “ झूमर गाती महिलाएं  … रमा को अपना पति यश याद आ गया। ढोलक पर थाप देती ललनाओं की मंडली… गाने के धुन पर नाचती… बहु बेटियां… संपूर्ण घर आँगन में विवाहोत्सव … Read more

टूटते रिश्ते – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’ : Moral Stories in Hindi

“हमारा हिस्सा हमें दे दीजिए, हम अपनी व्यवस्था उसमें कर लेंगे….” प्रताप सिंह के छोटे बेटे व्योमेश ने हॉल में बैठे अपने मां बाबूजी से कहा। “ये आज अचानक तुम्हें क्या हो गया…ये अलग हिस्से की बात कहां से आ गई….” आश्चर्य से देखते हुए प्रताप सिंह ने पूछा। व्योमेश और उसकी पत्नी शुभी शहर … Read more

मायके में हस्तक्षेप ना करो बिटिया रानी ! – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

 प्रतिदिन की तरह फोन पर आरना का पहला सवाल…..” हैलो मम्मी क्या कर रही हो …??”  “कुछ नहीं बेटा वो सब्जी बना रही हूं…!” ” तुम क्यों सब्जी बना रही हो…? भाभी कहां गई …..?” ” आज रेनू के कमर में दर्द है इसीलिए वो लेटी है, मैंने सोचा तब तक मैं ही सब्जी बना … Read more

टूटते रिश्ते की डोर – आरती झा आद्या : Moral Stories in Hindi

अह्लाद एक सफल बिज़नेसमैन था, जो अपने काम और परिवार दोनों के प्रति समर्पित था। उसका जीवन अपनी पत्नी नीरजा और माता-पिता के इर्द-गिर्द घूमता था। हालाँकि, उसकी दोहरी जिम्मेदारियाँ अक्सर उसे दो पाटों के बीच पिसने का अहसास कराती थीं। शाम के समय अह्लाद ऑफिस से घर लौटता तो नीचे का कमरा मम्मी पापा … Read more

गला काटना – मोनिका रघुवंशी : Moral Stories in Hindi

सरिता बहु यदि तुम्हे इस घर में हिस्सा चाहिए तो जैसा मैं कहता हूं वैसा ही करो….. वरना छोटे को इसका आधा हिस्सा देकर तुम गांव के घर मे अपना हिस्सा ले लो। लेकिन याद रखो मैं तुम्हे कोई पैसा नही दे पाऊंगा यदि गांव के घर मे हिस्सा चाहिए तो वंही चलकर रहना पड़ेगा … Read more

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