“बदलाव की बयार” – श्वेता अग्रवाल   : Moral Stories in Hindi

“अंश, यह दिशा है। इसने आज ही ऑफिस ज्वाइन किया है। तुम इसे इसका काम समझा दो। तुम दोनों सेम प्रोजेक्ट पर काम करोगे।” “ओके सर।” धीरे-धीरे एक ही प्रोजेक्ट पर काम करते-करते वे अच्छे दोस्त बन गए। यह दोस्ती कब प्यार में बदल गई उन्हें पता ही नहीं चला। लेकिन अब असल समस्या शुरू … Read more

कान का कच्चा – शिव कुमारी शुक्ला   : Moral Stories in Hindi

अजय तुमने सोच भी कैसे लिया कि मैं ऐसा गलत काम कर सकती हूं। दस साल  हो गये हमारी  शादी को तुम मुझे इतना भी नहीं समझ पाये कि मैं किस तरह की सोच रखती हूं। इन दस सालों में तुम मुझे इतना ही परख पाये। मेरे बारे में तुम्हारी कितनी घिनौनी राय है। तुम्हें … Read more

अभागन – के कामेश्वरी   : Moral Stories in Hindi

किरण मेरे जूते पालिश करने के लिए कहा था किया है कि नहीं ? यह किरण के पति अभिषेक की आवाज़ थी । किरण रसोई में पति के लिए ही लंचबॉक्स तैयार कर रही थी ।  उसकी तेज आवाज़ सुनते ही भागते हुए बाहर आते हुए कहती है मैंने पालिश कर दिया है । उस … Read more

चलती का नाम ज़िन्दगी – स्नेह ज्योति’   : Moral Stories in Hindi

सुबह की सुनहरी धूप में जब निशा ने आँखे खोली तो वो अपने आने वाले भविष्य की कल्पना करने लगी । उसका सपना भारत क्रिकेट टीम की कप्तान बनने का था । बस बैठें बैठें इस ख़ुशी को महसूस करना शुरू ही किया था कि उसकी माँ निशा निशा चिल्लाती हुई अंदर आई | क्या … Read more

मनमुटाव – प्रतिभा भारद्वाज ‘प्रभा’   : Moral Stories in Hindi

अस्पताल के कमरे में अपने पति शशांक के पास बैठी गौरी की आंखें बीते दिनों को याद करके अश्रुपूरित हो गईं. ….वह सोच रही थी कि आज यदि उसके भैया भाभी भी उसका साथ नहीं देते तो वो तो अकेली ही पड़ जाती….ससुराल की तरफ से तो कोई मदद करने नहीं आया जबकि ससुराल वालों … Read more

अभागन – हेमलता गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

मां समझाओ ना बाबा को.. क्यों मेरे पीछे पड़े हैं,  मैंने कह दिया ना मुझे पढ़ना लिखना बिल्कुल नहीं पसंद, तो क्यों जिद कर रहे हैं? मेरा मन तो घर के कामों में, सिलाई बुनाई में लगता है, अगर जबरदस्ती मुझे विद्यालय में डाल भी दिया तो भी क्या होगा ! अरे बेटा ..पढ़ लिख … Read more

दाल भात में मूसर चंद – संध्या त्रिपाठी   : Moral Stories in Hindi

सुनते हैं जी ….वो प्रेक्षा बोल रही है नई मूवी आई है… देखने जाना है …अंजिता ने काम करते हुए पति रत्नेश से कहा….! हाँ तो जाए ना …इसमें पूछने वाली कौन सी बात है…. नई-नई शादी हुई है … जाएँ घूमे फिरे…. जिंदगी का आनंद लें…. रत्नेश ने भी सहज भाव से उत्तर दिया…। … Read more

कहने से पहले परखना – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ ये क्या कर दिया तुमने रोहित एक बार भी जेहन में ये ख़याल नहीं आया हम लोग इतने सालों से इस कम्पनी के लिए काम कर रहे हैं इनके परिवार को हम कितना सम्मान देते हैं और तुम एक लड़की के लिए अपना ईमान बेच दिए… लानत है तुम पर।” कहते हुए मनोज अपने … Read more

अभागन – पूजा गीत   : Moral Stories in Hindi

जानकी नाम था उसका। १२ साल की अबोध बालिका, पर बचपना कहीं नहीं था। बस जब कभी मुझसे गोल गप्पे खाने की जिद्द करती तो बच्ची लगती थी। मैंने अपनी पहली नौकरी एक एनजीओ से शुरू की। एमएससी का प्रोजेक्ट लगभग खत्म होने को था इसलिए नौकरी करने की सोची। जबसे होश संभाला है माँ … Read more

बहन की बेटी – मंजू ओमर   : Moral Stories in Hindi

आभा ने आज विभा से कहा आजकल निभा हमसे थोड़ी खींची खिंची रहती है ढंग से बात भी नहीं करती पता नहीं क्या बात है । जबसे यहां आई हूं देख रही हूं दूर दूर है मुझसे। जरा तुम बात करना निभा से क्या बात है क्या बात हो गई है। अच्छा आभा दी मुझे … Read more

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