अभागन – श्वेता सोनी : Moral Stories in Hindi

वह दिन याद आता है जब पुष्पा मामी नई नवेली दुल्हन बनाकर वीरू मामा के जीवन में आई थीं. पच्चीस बरस की मामी और चालीस बरस के मामा.. नाना जी के चल बसने के बाद घर की पहाड़ सी जिम्मेदारियां मामा के कोमल कंधों पर ही तो आ गई थीं. इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में … Read more

“मां “अभागन नहीं होती – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

“बापू बापू उठो, देखो, जागो, उठो ना, मुन्ना कितना रो रहा है। उसके लिए बाजार से दूध ले आओ या फिर मुझे पैसे दो,मैं लेकर आती हूं।”8 साल की रानी ने सुबक कर हुए अपने पिता से कहा।     पर उसके पिता काशीलाल को होश ही कहां था। नशे में बड़बड़ाता हुआ, रानी को धक्का देकर … Read more

अभागन – संध्या सिन्हा : Moral Stories in Hindi

आज वट सावित्री व्रत का पर्व हैं और  सोसाइटी की सभी सुहागिन स्त्रियाँ खूब सज-धज कर सोसाइटी में ही स्थित मंदिर के पास लगे बरगद के पेड़ की पूजा -अर्चना  करने जा रही थी। मैं इस पर्व पैट अत्यधिक उदासे और दुःखी होती हूँ। थोड़ी आत्मग्लानि भी रहती है… क्योकि यह व्रत मैंने कभी शुरू … Read more

अभागन – उमा वर्मा : Moral Stories in Hindi

आज उसके बेटे की हल्दी है ।घर में खूब जोर शोर से तैयारी चल रही है ।घर की औरतें सज धज रही है ।वह भी अपनी अलमारी खोल कर बैठी थी,” कौन सी साड़ी पहनूँ?यह सोचती हुई ।फिर अपनी माँ की दी हुई गुलाबी बनारसी निकाल लिया ।यही ठीक रहेगी ।उसे गुलाबी रंग बहुत पसंद … Read more

कर आई जग हँसाईं … – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

आज अपने आप पर कोफ़्त हो रहा था…क्या ज़रूरत थी मामी सास से ये सब कहने की… वो तो वैसे भी कान लगाए रहती हैं हमारे घर की हर बात जानने के लिए….मायके से विदा होते वक़्त कैसे दादी ने समझाते हुए कहा था,“ देख बिट्टो जहाँ जा रही वो तेरा ससुराल है…. तू तेरी … Read more

बड़ों पर भरोसा – विभा गुप्ता  : Moral Stories in Hindi

   ” स्वाति…पापा आ गये हैं…अब अपना अंशु अपने दादाजी से ही पढ़ेगा.. है ना अंशु बेटे..।” नकुल हाथ में लिया बैग ड्राइंग रूम में रखते हुए अपनी पत्नी और बेटे से कहा तो अंशु खुश होकर ‘ यस पापा..’ कहकर अपने दादाजी से लिपट गया।       नकुल के पिता विश्वनाथ बाबू कस्बे के एक विद्यालय में … Read more

जिंदादिली – संगीता अग्रवाल   : Moral Stories in Hindi

वह पैंतीस वर्ष की एक जिंदादिल महिला थी अभी दो महीने पहले ही इस सोसायटी में आईं थीं तो लोगों से ज्यादा परिचय नहीं था उसका वैसे भी सुबह नौ बजे नौकरी पर निकल जाती थी और शाम को सात बजे वापिस लौटती थी। छुट्टी वाले दिन बाज़ार के काम निपटाती थी… अकेली रहती सब … Read more

कोई लाख करे चतुराई – पूर्णिमा सोनी   : Moral Stories in Hindi

, पकौड़े और चटनी, समाप्त हो चुके थे। और थे भी कितने, विद्या जी मंदिर तक गई थीं तो उनकी चार सहेलियां और साथ में आ गई, जो उनके साथ भजन मंडली में शामिल रहती थीं मंदिर में। घर के भीतर से पकौड़े तलने की तेज खुशबू आ रही थी। आज ये मम्मी जी मंदिर … Read more

“रिश्तो के बीच विश्वास का एक पतला धागा होता है” – पूजा शर्मा   : Moral Stories in Hindi

दोनों बच्चे स्कूल जा चुके थे और रंजन भी ऑफिस के लिए निकल चुका था। अपने सास ससुर को भी नाश्ता कराने के बाद देविका अपना नाश्ता लेकर डाइनिंग टेबल पर बैठी ही थी उसके फोन की घंटी बज उठी।  पड़ोस में रहने वाली उसकी सहेली रूपा का फोन था  5 साल पहले दोनों ने … Read more

अभागी गंगा – रश्मि प्रकाश   : Moral Stories in Hindi

‘‘ कितनी अभागी हूँ मैं… मेरे जैसी अभागन भी हो सकता है कोई दूनिया में ???? ऐसा लगता है लिखने वाले ने मेरी किस्मत ही काली स्याही से लिख दी है फिर किसी को क्या दोष दूँ… बचपन से लेकर आज तक बस सबकी सुनता ही आई हूँ….जब बाप का कुछ काम बिगड़ा बेटी दोषी … Read more

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