जीत या हार – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

        मेरे पास एक पोस सोसायटी में एक अच्छा खासा फ्लैट था,मुझे इस फ्लैट में कोई दिक्कत भी नही थी।यह फ्लैट मेरे बेटे ने खरीदा था,उसने इसे खूब अच्छे से फर्निश करा रखा था।सबसे अच्छी बात यह थी इसी फ़्लैट में उसने एक खूब सुंदर मंदिर भी बनवाया था।मुझे मंदिर में बैठकर पूजा करना काफी सुकून … Read more

जीवन की सांझ – रचना कंडवाल : Moral Stories in Hindi

सुनो मैं आपसे कुछ कहना चाहती हूं। क्या है? कोई और काम नहीं है।हर समय मुंह चलाने के अलावा आनंद जी ने न्यूज पेपर में सिर घुसाये हुए चिड़चिड़ा कर कहा फिर पेपर में और गहराई तक सिर घुसा लिया। मीरा रूआंसी हो गई। धम्म से सोफे पर बैठ गई और सोच में डूब गई। … Read more

ऊपर की कमाई – नेकराम : Moral Stories in Hindi

सन 2018 मई का महीना था उसी अस्पताल में आज मेरा दूसरा दिन था कल की तरह समय पर आ पहुंचा था गेट पर राकेश जी मिल गए और मीठा मुंह करने की बात कही राकेश जी : ने मुस्कुराते हुए कहा कल तो खूब कमाई की होगी तुमने ,, ऊपर की मेरे सामने एक … Read more

सौभाग्यवती – अयोध्याप्रसाद उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

लीला की शादी में शामिल होने वालों की संख्या पचास के लगभग रही होगी। परमानंद एक सरकारी अधिकारी होते हुए भी किसी तरह से अपने पदाधिकार का दुरुपयोग नहीं किया था। मां वंदना भी एक योग्य और कुशल गृहिणी के साथ साथ एक विद्यालय में अध्यापिका भी थी। वह भी एक उदार और साहसी महिला … Read more

सास की दुआओं में बहुत ताकत होती है – बीना शर्मा : Moral Stories in Hindi

एक दिन विमला अपनी बेटी पूनम से मिलने उसकी ससुराल गई तो उसने देखा पूनम अपनी सास रेखा से किसी बात पर झगड़ा कर रही थी रेखा को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह काफी बीमार हो विमला ने जब पूनम से झगड़े का कारण पूछा तो पूनम गुस्से में बोली “कह रही है … Read more

बहू ये रख लो काम आएँगे – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ माँ तब से देख रही हूँ आप कभी इस दराज मे तो कभी उस दराज में.. तो तो कभी अलमारियों में पेपर के नीचे , तो अपनी साड़ियों के तह में तब से कुछ खोजने में व्यस्त है …. आख़िर बात क्या है? निशिता सासु माँ सुमिता जी से पूछी “ यह एक राज … Read more

मम्मी को क्या पसंद है – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

विभु ने नेहा से बोला “कल मम्मी का जन्मदिन है, कुछ सरप्राइज देते हैं मम्मी को|” नेहा बोली “हाँ भैया, मैं भी यही सोच रही थी।” दोनों किशोरवय से युवा अवस्था की ओर थे| रात बच्चों ने पापा अमित के साथ बैठ मम्मी के जन्मदिन का प्लान बनाया। क्या गिफ्ट देंगे, कैसे सरप्राइज देंगे वगैहरह| … Read more

सिंदूर चमकता रहे मांग में – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

शिखा बचपन से ही अपनी दादी को सजती संवरती देखती आई थी।शाम ठीक चार बजे कंघी से बाल बनाकर बढ़ा सा जूड़ा बनाती थीं वोन।बड़े माथे पर उंगली से ही सिंदूर की डिबिया से सिंदूर लेकर गोल बड़ी सी बिंदी लगाती थीं,और उसी सिंदूर से मांग भर कर अपने शाखा-पोला(बंगाली सुहागिनों की विशेष चूड़ी)में भी … Read more

हृदय-परिवर्तन – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     ” अरी सुनीता…कहाँ मर गई…कोई काम कहो तो उसी में घंटों बिता देती है महारानी…।” बाथरूम में कपड़ों का ढ़ेर देखकर राजेश्वरी अपनी ननद की बेटी पर चिल्लाई।    ” बस..अभी आई मामी…छत पर…।” सुनीता अपनी बात पूरी कर पाती कि राजेश्वरी की आँखें गुस्से-से लाल हो उठीं,” मामी की बच्ची, कपड़े क्या तेरा बाप धोयेगा।समझी..तो … Read more

सौभाग्यवती भवः – श्वेता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

“नहीं, वह नहीं लगवायेगी।आप जाइए।” यह कहकर जैसे ही रूद्र दरवाजा बंद करके घर के अंदर आया, उसके कानों में गौरी की आवाज आई। वह बेहद ही धीमे और कमजोर स्वर में पूछ रही थी “ऐ जी, कौन आया था?” “मेहंदी लगाने वाली दीदी आई थी। मैंने मना कर दिया है। तुम आराम करो।” “अरे,यह … Read more

error: Content is protected !!