भविष्य दर्शन (भाग-4) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

अक्षय लाल दास से जब उनकी पत्नी नैना देवी ने अपनी बेटी द्वारा बताई गई भविष्यवाणी के बारे में बताया तो अक्षय लाल को बड़ा आश्चर्य हुआ और चिंता भी हुई।वो एक गरीब आदमी थे। मेहनत और मजदूरी करके परिवार चलाते थे।मकान की मरम्मत में काफी खर्चा आएगा।इतना जल्दी मरम्मत कैसे हो पाएगी।मरम्मत के लिए … Read more

भविष्य दर्शन (भाग-3) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

पदमिनी अपने घर में सोई हुई थी ।उसके सिर में थोड़ा दर्द हो रहा था।उसकी मां उसके सिर पर तेल की मालिश कर रही थी।उसे बहुत आराम महसूस हो रहा था। उसे नींद आने लगी थी तभी वो एक झटके से उठ गई और भयभीत नजर आने लगी ।उसकी ऐसी हालत देख कर उसकी मां … Read more

भविष्य दर्शन (भाग-2) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

पदमिनी ने आनंद से कहा _ अच्छा अब मैं चलती हूं मेरी मां मेरा इंतजार करती होगी।अपना ख्याल रखना।मैं कल फिर आऊंगी। आनंद ने कहा _ ठीक है जाओ लेकिन मेरे एक्सीडेंट के बारे में तो बता दी ।लगे हाथ यह भी बताती जाओ मुझे अस्पताल से छुट्टी कब मिलेगी। उसकी बात सुनकर वो हंसने … Read more

भविष्य दर्शन (भाग-1) – श्याम कुंवर भारती : Moral stories in hindi

अक्षय लाल दास की बेटी पदमिनी बड़ी पढ़ने लिखने में काफी कमजोर थी।मगर उसकी आवाज और रंग रूप बहुत सुन्दर था।किसी तरह उसने मैट्रिक परीक्षा पास कर लिया।आगे की पढ़ाई के लिए उसने एक सरकारी कॉलेज में एडमिशन ले लिया। जहा उसकी दोस्ती उसके ही क्लास के एक लड़के आनंद से हुई ।वो बहुत ही … Read more

आंचार – श्याम कुंवर भारती : Moral Stories in Hindi

अनिता ने अपनी सास ममता देवी को बहुत समझाने की कोशिश की उसकी सास रात का खाना खा ले लेकिन वो नही मानी ।उसके ससुर को बुखार था फिर भी उन्होंने दवा खाने से पहले खाना खा लिया और अपनी पत्नी से कहा ,_ देखो जिद मत करो खा लो जाओ चुपचाप सो जाओ। खाना … Read more

बेटा मैं तो तेरा भला ही चाहती हूँ – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ बधाई हो, सुमिता तेरे बेटे की नौकरी लग गई अब तुम्हें किसी की कोई बात सुनने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी ।” वीरेन बाबू ने पत्नी से कहा और मिठाई का डिब्बा उसकी ओर बढ़ा दिया “ आप ख़ुश हो?” आश्चर्य से सुमिता ने कहा “हाँ सुमिता आख़िर हमारा बेटा है अपने पैरों पर खड़ा … Read more

जब तक साँसों की डोर है, कर्मो का नहीं कोई छोर – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

पिताजी के गुजरने के बाद देव माँ को अपने पास शहर ले आया।हर समय बोलने वाली माँ कुछ तो पति के गम में और कुछ अकेलेपन की वजह से खामोश हो गईं।माँ का चेहरा दिन-प्रतिदिन पीला पड़ता जा रहा था।रीना और देव माँ की हालत देख चिंतित हो उठे। “पता नहीं क्यों माँ को कोई … Read more

समय की मार – नेकराम : Moral Stories in Hindi

दिल्ली के अंबेडकर नगर में मालती नाम की सास रहती थी उसकी चार बहुएं थी बड़ी बहू का नाम गायत्री मंझली बहू का नाम सावित्री और तीसरी बहू का नाम गोमती और सबसे छोटी बहू का नाम राधिका था शहर में 25 गज की जमीन खरीद कर मालती के पति दिनेश मिश्रा ने 15 साल … Read more

भाभी का पहला जन्मदिन – अंजना गर्ग : Moral Stories in Hindi

“अनु ,  भाई आ गया क्या?”  मोहिनी ने अपनी बेटी अनु से पूछा। “हां, आ गया मम्मी, पर नीचे से ही भाभी को लेकर चला गया। कह रहा था, मम्मी को बोल देना ,थोड़ी देर में आते हैं।” अनु ने मोहनी को बताया। “देख  अन्नू तेरी भाभी दीपाली के काम। रात को आठ बजे मनीष … Read more

अपनों का साथ – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

क्या नमन अब सो भी जो 1:00 बजने वाला है। सुबह ऑफिस नहीं जाना है क्या? लाइट बंद करो मुझे सोना है। मोबाइल एक तरफ रखो क्या इतनी देर तक मोबाइल चलाते रहते हो। हां हां बस अभी थोड़ी देर में बंद करता हूं लाइट भी, सीमा झुंझला कर आंखों पर चादर रखकर सो जाती … Read more

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