एक उसके बिन क्यों है सूनी तेरी दीवाली….. – रश्मि प्रकाश : Moral Stories in Hindi

“ माँ आओ ना देखो कितनी अच्छी रंगोली बनाई है… ।” बीस साल की अवन्ति माँ  सरला जी का हाथ पकड़ कर खींचते हुए ले जाने लगी   सुलोचना बेमन से बेटी के साथ रंगोली देखने गई और बिना चेहरे पर कोई भाव लाए बोली,“ अच्छी है।” “ क्या माँ इतनी देर से मेहनत कर रही … Read more

दूसरों में नहीं खुद में खुशियाँ ढूढ़ें… – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

पार्क में घूमते रजनी की निगाहें बेंच पर बैठी अपने में गुम महिला पर पड़ी…,कानों से इयरफोन हटा कर उसने गौर से देखा चेहरा कुछ पहचाना सा लगा, दिमाग पर जोर डाला,पर कुछ याद नहीं आया…., रजनी अपना वाक पूरा कर उस महिला के बारे में सोचते घर की ओर चली गई….। घर में भी … Read more

सिर्फ ये कोना ही नहीं पूरा घर तुम्हारी माँ का ऋणी है – सुमिता शर्मा : Moral Stories in Hindi

“क्या बताऊँ मम्मी, आजकल तो बासी कढ़ी में भी उबाल आया हुआ है| जबसे पापा जी रिटायर हुए हैं दोनों लोग फिल्मी हीरो हीरोइन की तरह दिन भर अपने बगीचे में ही झूले पर विराजमान रहते हैं| न अपने बालों की सफेदी का लिहाज है न बहू बेटे का, इस उम्र में दोनों मेरी और … Read more

सबक – शिखा जैन : Moral Stories in Hindi

“मम्मी, यह कैसा सूट दिया है प्रीति भाभी ने। हरे रंग का!.. हरा रंग भी कोई पहनता है क्या.. और रोहन को जो शर्ट दी थी उसका तो न कपड़ा बढ़िया है न प्रिंट। कितनी बार कहा है भाई को.. कि रोहन सिर्फ ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं। मेरी देवरानी के भाई ने उसे कितना सारा … Read more

पगली – पूनम शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुधा सुबह के भागमभाग भरी दिनचर्या के बाद पति को विदा करने के लिए बालकनी में जा खड़ी हुई। पति ने गराज से मोटरसाइकिल निकालते हुए ऊपर की ओर प्रणय प्रस्ताव की उम्मीद से देखते हैं और सुधा कुसुमित पुष्प की प्यार भरी मुस्कान के साथ हाथ हिलाते हुए, विदा करती है। पति  सुकुन भरे … Read more

धड़कन – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’ : Moral Stories in Hindi

सात बजे का अलार्म के बजते ही नित्या रोज़ की तरह रसोई के काम निपटाने लग गयी। वह कॉलेज में प्रोफेसर थी और दिन में उसे सिर्फ दो या तीन लेक्चर ही लेने होते थे ।आज उसका लेक्चर ग्यारह बजे था, सो आज आराम से घर के बाकि काम भी निपटा सकती थी । रोज … Read more

खुशियों वाली दिवाली – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

चिपकी रहना बस दोनों बहनें इस फोन पर.. शर्म तो बिल्कुल बची नहीं दोनों में ऐसा लगता है दिवाली या सारे त्यौहार बस मेरे लिए ही आते हैं त्योहार क्या आते हैं मेरा तो काम भी दुगना कर देते हैं, इतनी बड़ी हो गई है जरा भी दया धर्म नहीं है की मां के काम … Read more

*संकल्प* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

           रामप्रसाद एक सामान्य से व्यक्ति थे।नगर निगम में क्लर्क की नौकरी करते थे।एक ही बेटा था,हरीश।उनका सपना था कि बेटा अच्छा पढ़ लिख जाये और अच्छी नौकरी प्राप्त कर ले तो उनके दिन भी बुहर जाये।इसलिये उनके केंद्र में हरीश ही रहता था।उनका पूरा ध्यान,ऊर्जा और अधिकतर धनराशि हरीश की पढ़ाई लिखाई पर ही होती। … Read more

अस्तित्व – ऋतु दादू : Moral Stories in Hindi

शिवानी और गरिमा दोनो बचपन की पक्की सहेलियां है,किस्मत से उनका विवाह भी एक माह के अंदर  ही एक ही परिवार में हो गया।दोनो सहेलियां रिश्ते में देवरानी जेठानी बन गई।उनके पति चचेरे भाई हैं और दोनो का घर भी पास पास ही है। शिवानी भी अपने घर की बड़ी बहु बनी और उसके एक … Read more

सारा आकाश – उपासना झा : Moral Stories in Hindi

रात भर तेज़ बारिश हुई थी। आँगन में, लान में, छत पर हर जगह पानी ही दिख रहा था। उसे हैरानी हो रही थी कि उसकी नींद कैसे नहीं टूटी आवाज़ से, उसकी नींद तो बड़ी हल्की है, ज़रा से खटपट से टूट जाती है। फ्रीज़ खुलने की आवाज़ से, लाइट ऑन-ऑफ होने से, यहाँ … Read more

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