बदजात – कंचन सिंह चौहान : Moral Stories in Hindi

दुबली पतली सी वह, बड़ी सी आँखों वाले साँवले चेहरे और थोड़े से भरे होंठ के साथ, हाथ में चाय की ट्रे लिये सिमटी सकुचाई खड़ी थी। शायद हाथ काँप रहे थे उसके। बिस्नू इधर-उधर हिल डुल कर थोड़ा संभल कर बैठने लगे थे। भईया जी ने उनके हाथ पर हाथ रखते हुए उन्हें सामान्य … Read more

अस्तित्व – पूनम शर्मा : Moral Stories in Hindi

विशाखा आज पहली बार रिटायरमेंट के बाद अपने घर में अकेली थी क्योंकि परिवार के सभी सदस्य अपने अपने काम पर घर से निकल चुके थे ।आज वह अनमनी सी किंकर्तव्यविमूढ़ बैठी हुई थी। सोचा, क्यों न प्याली चाय बनाकर आगे के बारे में सोचा जाए। वह चाय बना लाई और ड्राइंग रूम के सोफे … Read more

खुशियों का दीप – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

अवि खिड़की से बाहर टकटकी सी लगाई बैठी थी। तभी सौरभ ने आवाज लगाई ” अवि खाने का टाइम हो गया यार अब तो खाना परोस दो।” अवि वही से चिल्लाई ” बस दो मिनिट “ सौरभ डाइनिंग टेबल पर बैठ गया अवि खाना परोस रही थी की उसे याद आया ” अरे तुमने याद … Read more

खुशियों की तलाश – अंजु गुप्ता ‘अक्षरा’  : Moral Stories in Hindi

सब कुछ है, पर न जाने क्यों हमारा ही घर खुशियां तलाशता रहता है, मन ही मन रमा सोच रही थी। फिर हिम्मत कर महेश से बोली, “सुनो जी! विभू नए लैपटॉप के लिए बोल रहा है।” “अभी दो साल पहले ही तो उसे लैपटॉप दिलवाया था, नए की क्या जरूरत है?” महेश जी मानो … Read more

समधनों का घर – ऋचा उपाध्याय : Moral Stories in Hindi

  “अम्मा आप न कमरे से बाहर मत निकालिएगा मेरी सहेलियाँ आ रही हैं आप बिल्कुल मिसफिट हो जाती हैं उनके बीच”, रिया ने ज़ोर से अपनी सीधी सादी सरल हृदया सास कमला जी को बोला।    “ममा आप अच्छे से रेडी हो जाओ मेरी फ्रेंड्स भी तो देखें कि मेरी ममा अपनी इकलौती बेटी के साथ … Read more

*सच्ची आजादी* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      शालिनी,तू ही तो है मेरे बचपन की सखी,जिससे मैं हमेशा दिल की बात कर लिया करती हूं।       क्या हुआ शालू,क्या कोई प्रॉब्लम है,जो ऐसे बात कर रही हो?        प्रॉब्लम?शालिनी लगता है मैं घुट घुट कर मर जाऊंगी।         बता ना बात क्या है?        संजीव और शालू दोनो पति पत्नी एवं माँ शकुन्तला, कुल जमा ये तीन … Read more

खून के आँसू रोना – डाॅक्टर संजु झा  : Moral Stories in Hindi

उदय जब दस साल का था,तो प्रसव के समय उसकी माँ का अचानक निधन हो गया।उदय का जन्म उसकी माँ की शादी के बारह वर्ष बाद हुआ था,इस कारण उदय माँ के जीवन का सूर्य था।पूरा परिवार उससे अत्यधिक प्रेम करता था,विशेषकर दादा जी और माँ की आँखों का तारा था। माँ के निधन से … Read more

“शिक्षा का महत्व” – रीता गुप्ता ‘ रश्मि ‘ : Moral Stories in Hindi

         स्साली…..मुझसे जबान लड़ाती है,कहते हुए रणबीर ने अपनी पत्नी रक्षिता के गाल पर एक जोरदार तमाचा रसीद कर दिया। तमाचा इतनी जोर का पड़ा था कि रक्षिता बिलबिलाती हुई नीचे गिर पड़ी। उसकी आंखों से आश्रुधार बह चली। रक्षिता को भद्दी भद्दी गालियां देता हुआ रणबीर घर से बाहर निकल गया।             ये कोई आज की … Read more

पहल – पूनम शर्मा  : Moral Stories in Hindi

विदिप्त बहुत दिनों बाद इस मुहल्ले में लौटा था, लेकिन सड़क गलियां सब पहले से बहुत बदल गई थीं। पहचान पुरानी थी, इसलिए विपुल के घर का गेट खोलकर बेधड़क वह दरवाजा खटखटाया, दरवाजा विभा ने खोला। उसे देख वह अवाक रह गया उम्र के साथ वह अब और ज्यादा निखर गई थी लेकिन कुछ … Read more

डिग्री – शिखा जैन  : Moral Stories in Hindi

पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज रहा था।विद्यालय का वार्षिकोत्सव था।और प्रथम आने वाले बच्चों के नाम घोषित किए जा रहे थे। “राहुल शर्मा, 12वीं अ ” अंत मे विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी का नाम घोषित किया गया। तालियों की गड़गड़ाहट में दो हाथ ऐसे भी थे जो ताली बजाते … Read more

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