बदलाव – मीनाक्षी सिंह : Moral Stories in Hindi

सुजाता जी अपने पोते-पोतियों का ख्याल रखते हुए पूरे दिन भाग-दौड़ में लगी रहती हैं। जब से उनके बेटे ने काम छोड़ दिया और बहू ने नौकरी शुरू की, सुजाता जी का पूरा दिन बच्चों के आसपास घूमते हुए ही बीतता है। सुबह से लेकर शाम तक वह बच्चों को तैयार करना, स्कूल भेजना, उनके … Read more

अब मैं अपने ससुराल को दिल से अपना बनाऊंगी – निरंजन धुलेकर : Moral Stories in Hindi

शादी के लगभग डेढ़ साल बाद, सुमन जी की बहू, दिव्या, अपने मायके से लगातार फोन पर बात करती रहती थी। दिन में कई बार उसकी मायके से बातचीत होती। फोन कॉल्स के दौरान वह अपनी मां और घर के अन्य सदस्यों से अपने ससुराल के हर पहलू के बारे में बताती, जैसे ससुराल का … Read more

कूड़े वाली अम्मा – नेकराम : Moral Stories in Hindi

सुनो जी … मैं रोज तुमसे कह कहकर थक चुकी हूं दीपावली धीरे-धीरे नजदीक आ रही है मोहल्ले में सभी के घरों की साफ सफाई का काम शुरू हो चुका है पंखों में कितनी धूल जमी हुई है खिड़कियां भी कितनी मैली हो चुकी है पत्नी की बात सुनकर मैं चुप कैसे रह सकता था … Read more

दुःखों से निकलने की होड़ – कंचन सिंह चौहान : Moral Stories in Hindi

हाल चाल लेने की जनरल कॉल करती हूँ, तो उसकी आवाज़ थोड़ी डल लगती है। “क्या हाल है?” “ठीक है।” ” क्या हुआ बड़ा शोर है?” “हम्म्म.. वो यहाँ आया था ना ! नीरा दी के घर” “ओके ओके…नीरा ठीक है ?” ” अरे वो मौसी….. वो… नीरा दीदी के ससुर एक्सपायर कर गये।” “क्या … Read more

रिश्तो मे पैबंद जरूरी है – मीनाक्षी सिंह  : Moral Stories in Hindi

सुरभि की आज ससुराल में पहली रसोई थी, और वह बेहद घबराई हुई थी। रसोई में उसके चारों ओर सब कुछ नया था: बर्तनों की चमक, मसालों की खुशबू, और सबसे बढ़कर, एक अलग तरह की जिम्मेदारी का अहसास। उसके सामने रोटियों का आटा तैयार रखा था, और वह मंत्रमुग्ध सी खड़ी थी। मन ही … Read more

आखिर घुटन भरे रिश्ते से आजादी मिल ही गई – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

अपराध बोध ग्रसित मन विचलित हो गया था। संदेह की काली छाया ने सब कुछ अपने आंचल में समेट लिया था। सिसक सिसक कर रोने के सिवाय अब कुछ नही बचा था। राव्या तकिए को आसुओं में भिगोती हुई पछता रही थी। कितनी खूबसूरत जोड़ी थी । आन्या और प्रवेश की। दोनो में एक दूजे … Read more

खुशियों भरी दीपावली – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय : Moral Stories in Hindi

जब से ससुर जी रिटायर हुए थे घर गृहस्थी  का बोझ अलका और सुरेश पर ही आ चुका था। आम मध्यमवर्गीय परिवार में मुश्किल से चार जनों का खर्चा अलका और सुरेश दोनों की कमाई से चल पाता था, वहां बाबूजी और अम्मा दोनों की दवाइयां, राशन, पानी, दूध, फल सब्जी सभी का खर्चा जुड़ … Read more

“मां मुझे भी दीपावली मनानी है” – मनीषा सिंह : Moral Stories in Hindi

दीपावली आने में अभी 4 दिन शेष थे और इसकी तैयारी चारों तरफ जोर-शोर से चल रही थी । कहीं किसी के घर की रंगाई तो किसी के घर मिठाइयां बन रही थी— किसी की सफाई बची थी तो वह धनतेरस के दिन तक सारी सफाई को खत्म कर देना चाहते थे ताकि धनतेरस के … Read more

माँ का त्याग – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

     ” डाॅक्टर साहब-डाॅक्टर- साहब … जल्दी से चलकर मेरी माँ को देखिये…उन्हें साँस लेने में तकलीफ़ हो रही है और…।”कहते हुए चाँदनी डाॅक्टर प्रमोद के चेम्बर में घुसने लगी तो वहाँ बैठा चपरासी उसे रोकते हुए बोला,” अरे..अरे.., कहाँ घुसी चली आ रही हो..देख नहीं रही कि कितनी भीड़ है..चलो लाइन में…।”   ” देख नहीं … Read more

झिलमिला उठे खुशियों के दीप – श्वेता अग्रवाल  : Moral Stories in Hindi

“भाइयों और बहनों, आज रात बारह बजे से संपूर्ण देश में संपूर्ण लॉक डाउन होने जा रहा है | आज रात बारह बजे से घरों से बाहर निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जा रही है |” देश के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संबोधन के साथ ही पूरे देश में लॉक डाउन … Read more

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