झूठा नाटक – सहदेव सिंह शेखावत : Moral Stories in Hindi

भाई की तबीयत का समाचार पाकर गर्विता परेशान सी हो गई। चाय देने गई तो चेहरा देखते ही सास इस बात को समझ गई कि बहू किसी दुविधा में है। उन्होंने बड़े अपनेपन से पूछा कि क्या बात है। गर्विता ने बता दिया। उन्होंने पूरे अधिकार से कहा कि वह भाई को देखने जाने की … Read more

मौन क्रंदन – भगवती सक्सेना गौड़ : Moral Stories in Hindi

डॉ सुषमा हड़बड़ा कर उठी , देखा कोई जोर जोर से दरवाजा खटखटा रहा है। मन नही कर रहा था, फिर भी उन्हें उठना पड़ा। खोला तो नौकर ने बताया सुबह ही पटियाला से पापा का फ़ोन था, बुलाया है। समझ गए और दोनों डॉ पति पत्नी गाड़ी लेकर निकल पड़े । सुषमा की माँ … Read more

मन से मन का रिश्ता – मंजू ओमर : Moral Stories in Hindi

आज सुबह सुबह ही खबर लगी कि पुष्पा भाभी जी नहीं रहीं । नाश्ता बनाने जा रही थी तो सबकुछ छोड़कर बैठ गई । आंखें भर आईं बहुत पुराना रिश्ता था उनसे । नहीं नहीं खून  का नहीं,अपनों का नहीं , रिश्तेदारी का नहीं ,मन से मन का रिश्ता ।और शायद इससे बड़ा कोई रिश्ता … Read more

शक का शिकार वही क्यों बनती है….. – संगीता त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

तनु को तुरंत अस्पताल में एडमिट कराया गया। बाहर तनु का पति विशाल और सास रेवती -ससुर मनोहर जी चिंतामग्न बैठे थे। रेवती जी मन ही मन ईश्वर से मना रही थी तनु ठीक हो, ज्यादा ना जली हो।तनु के मायके खबर दे दी गई थी। बहू के जलने का मामला था। थोड़ी देर में … Read more

माँ जी, क्या ससुर जी को भी आपने पाल पोसकर बड़ा किया है?? – सविता गोयल : Moral Stories in Hindi

कोमल शुरू से ही संयुक्त परिवार में रहती आई थी और चाहती थी कि उसे ससुराल भी ऐसा ही मिले । जब उसके लिए रमन का रिश्ता आया तो उसके परिवार के बारे में सुनकर कोमल खुश थी ।कोमल को उसकी इच्छा अनुसार भरा पुरा ससुराल मिला था । ससुराल में सास तनुजा जी, ससुर … Read more

चाँद – विजया डालमिया : Moral Stories in Hindi

“सरला…. चलो, जल्दी से तैयार हो जाओ”। माँजी बाहर से कहे जा रही थी। पर मेरा मन बिल्कुल भी नहीं था ।इसीलिए मैं सुना अनसुना कर रही थी। अनमनी और अनियंत्रित भावनाओं को रोकने के लिए अपने आप से काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। बावजूद इसके वे थमती नहीं। सरला एक सुलझी और समझदार लड़की … Read more

मेरी बहू तो सब कुछ संभाल लेती है – राशि सिंह : Moral Stories in Hindi

दीक्षा की शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे। नई-नई बहू के लिए ससुराल का माहौल वैसे तो ठीक-ठाक था, पर सासू मां का स्वभाव दीक्षा को हर समय तनाव में रखता था। वे हर छोटी-बड़ी बात पर टोका करतीं, कभी चाय बनाने में देर हो जाने पर, तो कभी साड़ी का पल्लू ठीक … Read more

भाभी आप इतना सब कुछ कैसे सह लेती हो? – दीपा माथुर : Moral Stories in Hindi

जब से भाभी आई हे मम्मी का मुंह कुछ सूजा सूजा सा रहने लगा। जब भी अकेले में मिलेंगी यही कहेगी ” हीरे सा बेटा दिया हे,इतनी बड़ी पोस्ट पर हे और तुम्हारे ससुराल वालो ने क्या दिया तुम्हे?” अरे कम से कम सामने वाले को तो देख लेना चाहिए।” दीदी परेशान सा हो गया … Read more

भाभी, आप इतना सब कुछ कैसे सह लेती हैं? – विशाल पवार : Moral Stories in Hindi

शाम का समय था। चाय का प्याला लेकर मैं भाभी के पास बैठी। भाभी हमेशा की तरह मुस्कुरा रही थीं, लेकिन उनकी आँखों में एक अजीब सा दर्द छिपा हुआ था। मुझे हमेशा से लगता था कि भाभी के चेहरे पर जो सुकून और शांति दिखती है, उसके पीछे कहीं न कहीं बहुत सारे अनकहे … Read more

मन का रिश्ता – नीलम शर्मा : Moral Stories in Hindi

संगीता की शादी को सात साल बीत चुके थे । इस बीच में उसके पति अभय का पांचवी बार ट्रांसफर हुआ था। यूं तो वह बहुत मिलनसार और हंसमुख स्वभाव की थी। सबसे जल्दी ही घुल- मिल जाती थी । लेकिन जहां शादी के बाद वह पहली बार अपने पति के साथ नौकरी पर गई, … Read more

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