मुझे अपने बेटों के साथ नहीं रहना है – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

मम्मी, दादी आ गई है, ये सुनते ही मुक्ता के सिर की त्योरियां चढ़ गई, और वो रसोई से बाहर आ गई, ड्राइंग रूम में लगी घड़ी की ओर देखते हुए बोली, ‘आप तो शाम को आने वाली थी, अभी तो सुबह के दस ही बजे हैं, अभी तो हम नाश्ता ही कर रहे हैं, … Read more

अपमान – एम. पी. सिंह : Moral Stories in Hindi

हमारे पड़ोस में शर्मा परिवार रहता था। मि आनंद, उनकी पत्नी शीला, बेटा राहुल और बेटी पायल। आनंद इंजीनियर था और शीला टीचर। दोनों सर्विस करते थे ओर काफी अच्छा कमा लेते थे। राहुल जब 4 साल का था तब शर्मा जी की  पहली पत्नी का स्वर्गवास हो गया था। उसके 2 साल बाद उन्होंने … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

मेरा फ़र्ज़ है –  विभा गुप्ता          ” क्या! तूने ज़ाॅब छोड़ दिया..इतनी मेहनत से पढ़ाई की और..।” दीपा ने अपनी सहेली मानसी से कहा तो मानसी मुस्कुराते हुए बोली,” सब बताऊँगी…तू घर तो आ..।” कहते हुए उसने दीपा के नंबर पर अपने घर का पता लिखकर सेंड कर दिया।            दीपा जब मानसी से मिलने गई..तब … Read more

*असीम प्यार* – बालेश्वर गुप्ता : Moral Stories in Hindi

  इतनी बड़ी बात मुझसे छिपा ली।राजू एक बार कम से कम एक बार तो बताया होता।इतना बड़ा कदम उठा लिया,और मुझे पता भी चलने नही दिया।        अपने आप से बात करते करते जगदीश प्रसाद जी रो पड़े।उनके आंसू रुकने का नाम ही नही ले रहे थे।         जगदीश प्रसाद जी एक मध्यम वर्ग के सामान्य व्यापारी … Read more

कड़वा करेला – पुष्पा कुमारी “पुष्प” : Moral Stories in Hindi

“बेटी के विवाह में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं लेकिन मेरा मन बहुत घबरा रहा है!” विवाह में आने वाले मेहमानों की लिस्ट तैयार कर रहे अपने पति अखिलेश के बगल में आकर बैठते हुए रंजना ने चिंता जताई। “इसमें घबराने जैसी क्या बात है! सारे इंतजाम वक्त पर हो जाएंगे तुम चिंता … Read more

समझौता – मीमा : Moral Stories in Hindi

मेरी सहेली दीपा अपने माता-पिता की इकलौती बिटिया , बहुत नाजों से पली-बढी  ईश्वर की कृपा से खूबसूरत, अच्छी कद-काठी साथ ही पढने में भी काफी होशियार थी।मेरा  मेरी सहेली से मिलना अक्सर  होता रहता कभी बाहर, कभी वो मेरे घर आ जाती ,कभी परिवार सहित आउटिंग  में जाना । कभी नहीं मिल पाते तो … Read more

प्रेम में लांछन ना लगे – शुभ्रा बैनर्जी : Moral Stories in Hindi

नित्या का मन किसी काम में नहीं लग रहा था। रह-रहकर सिद्धांत की याद आ रही थी। कहने को कह तो दिया था कि अब कभी बात ना करे,पर उसके मैसेज का इंतजार भी किया कल पूरा दिन। कुछ दिनों की ही जान- पहचान थी,वो भी औपचारिक।उसकी चार पंक्तियों की शायरी पढ़कर बड़ा अच्छा लगता … Read more

यह भी तो शहादत ही है!! – लतिका श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैऔर क्लास में उपस्थिति इतनी कम..!! प्रभास सर आप क्लास टीचर हैं ध्यान क्यों नहीं देते ??प्रिंसिपल शाश्वत जी ने क्लास में घुसते ही टोका। सर मेरी सुनते ही कहां हैं …दो बारहवी के छात्र हैं सर पूरी क्लास में आतंक मचाए रहते है किसी को पढ़ने नहीं देते ना ही पढ़ाने … Read more

मन से जुड़े अटूट रिश्ते – विभा गुप्ता : Moral Stories in Hindi

      ” इतनी ठंड में एक भी आदमी सड़क पर चलता दिखाई नहीं दे रहा है और तुम मुझे..   ” तो क्या करती..कब से मंदिर चलने के लिये कह रही थी और आप टालते जा रहें थें..।”            दिल्ली की कड़कती ठंडी में महेश अपनी पत्नी मीना के साथ स्कूटर पर झंडे वाली माता के दर्शन करके … Read more

मन मौजी – खुशी : Moral Stories in Hindi

नीति एक मस्त मौला लड़की थी। हंसती गुनाती मुस्कुराती घर में सबकी लाडली।दो भाई सुमित और अमित मां बाबा , चाचा चाची, ताई ताऊ,बुआ दादा दादी भरा पूरा परिवार ।नीति को जब जॉब लगी तो उसके लिए लड़का देखना शुरू किया गया।नीति के ऑफिस में जतिन उसके साथ काम करता था जिसे वो पसंद करती … Read more

error: Content is protected !!