मेरा क्या कसूर था। – रश्मि पियुष : Moral Stories in Hindi

मेरी दादी को गुजरे तीस साल हो गए । तब मैं कॉलेज में पढ़ती थी। वैसे तो दादी बहुत ही सुन्दर और सीधी सादी थी। सबके साथ बहुत ही अच्छा व्यवहार था उनका । पूरे मोहल्ले भर की फेवरेट थीं वो। पर जैसे ही दादाजी का जिक्र होता, उनका पारा सातवें आसमान पर होता । … Read more

मुट्ठी भर आसमां – पूनम भटनागर : Moral Stories in Hindi

 नवकुंज  एक अच्छी सोसायटी है, जो कि अभी दो साल पहले ही बनी है। यहां उच्च तथा उच्चतम श्रेणी में आने वाले रहते हैं। सभी सुविधाओं से सुसज्जित यह सोसायटी आने वालों की नजर में आ जाती है। इन्हीं घरों में से रहने वालों में एक घर में मिनाक्षी भी अपने माता-पिता तथा बड़े भाई … Read more

दुरूपयोग या खिलवाड़ ? – एम.पी.सिंह : Moral Stories in Hindi

महानगर के कॉलेजों में पढ़ाई के साथ साथ ओर बहुत सी एक्टिविटीज़ होती हैं, जो पैसे वालो की हैसियत के हिसाब से अलग अलग होती है। कुछ को कारो में लड़कियों को घुमाना, कुछ को लड़कियों संग राते बिताना,  कुछ को दोस्तों संग बार / पब में मौज मस्ती करना, ड्रग्स लेना वगैरह वगैरह। अधिकतर … Read more

मामी डाँटती हैं – संध्या त्रिपाठी : Moral Stories in Hindi

अरे आ गया मेरा लाल नानी के घर से….. माया ने अपने पोते आरव को प्यार से पुचकारते हुए कहा…. । हाँ आ गया दादी ….पर अब वहाँ कभी नहीं जाऊंगा ….मुंह बनाते हुए आरव ने दादी के गले लगते हुए कहा…। अरे क्या हो गया मेरे लाल को ….?? क्यों गुस्सा हो गया नानी … Read more

मन का अकेलापन – सुभद्रा प्रसाद : Moral Stories in Hindi

निर्मला देवी उम्र के इस पड़ाव पर, जब उन्हें अपने बेटे आशीष और बहू आरती का सहारा चाहिए था, वह अकेलेपन और पछतावे में डूबी हुई थीं। उनका स्वास्थ्य दिनों-दिन खराब होता जा रहा था। शरीर की कमजोरी और मन का अकेलापन उन्हें अंदर से तोड़ रहा था। आरती और आशीष को जब उनके पड़ोसी … Read more

मम्मा, आप भी गंवार हो – शनाया अहम : Moral Stories in Hindi

निराली के जीवन में आज का दिन एक ऐसा मोड़ ले आया, जिसने उसे भीतर तक झकझोर दिया। उसकी पांच साल की बेटी निशि का जन्मदिन था। घर मेहमानों से भरा हुआ था। हर तरफ हंसी-खुशी का माहौल था। जन्मदिन के केक को काटने का समय आया और सबकी नजरें निशि पर टिकी थीं। निशि … Read more

“सुंदर बहू” – हेमलता गुप्ता : Moral Stories in Hindi

बहू.. हम सभी दिव्या की शादी की खरीदारी करने के लिए बाजार जा रहे हैं तो पीछे से घर का ध्यान रखना और खाने पीने की तैयारी रखना हमें आने में देर हो जाएगी और हां पीछे से टीवी मोबाइल में व्यस्त मत हो जाना या फिर अपने घर वालों से ही फोन पर चिपकी … Read more

अपने आत्मसम्मान को हर रिश्ते से ऊपर रखना। – पूजा शर्मा : Moral Stories in Hindi

सुधा ने अपने छोटे-से घर में कदम रखा। उसकी सासु मां, मीना देवी, चाय का कप लेकर उसके लिए इंतजार कर रही थीं। सुधा के चेहरे पर चिंता और थकान साफ झलक रही थी। मीना देवी ने ध्यान से देखा और पूछा, “क्या हुआ बेटा, इतना परेशान क्यों दिख रही हो?” सुधा ने गहरी सांस … Read more

दूसरी सीढ़ी।। – अंजना ठाकुर : Moral Stories in Hindi

भाभी आप इतना सब कुछ कैसे सह लेती है मां आपको कितना बेइज्जत करती है और कोई होता तो कब का अलग हो जाता जबकि मां इतनी लाचार है अब तो उन्हें आपकी जरूरत महसूस होनी चाहिए। मीनू कल ही मायके आई थी अपनी मां को देखने अपनी भाभी राशि की मां के प्रति सेवा … Read more

मन का रिश्ता – रंजीता पाण्डेय : Moral Stories in Hindi

आज बहुत बहुत खुश थी ममता | उसकी पहली पुस्तक  छप गई थी |वो बार बार अपनी पुस्तक को देखती | और भावुक हो जाती ,उसको यकीन नहीं हो  रहा था ,की उसने इतना बड़ा काम कर दिखाया | ममता एक बहुत पढ़ी लिखी सीधी ,साधी औरत थी | हमेशा हंसती मुस्कुराती रहती | उसके … Read more

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