क्षमादान – डॉ कंचन शुक्ला : Moral Stories in Hindi

घर के सभी लोग वीरेंद्र जी के कमरे में उपस्थित थे वीरेंद्र जी की पत्नी सविता,उनका बड़ा बेटा मंयक,उसकी पत्नी पुष्पा, वीरेंद्र जी की बेटी रीता इन सबके चेहरों पर शर्मिंदगी साफ दिखाई दे रही थी उसी कमरे में वीरेंद्र जी का छोटा बेटा रवि और उसकी पत्नी गुंजन भी थे गुंजन के चेहरे पे … Read more

इतना बड़ा दिल तो एक मां का ही हो सकता है – अमित रत्ता : Moral Stories in Hindi

“बेटा महंगाई दिन ब दिन आसमान छू रही है ऊपर से तेरी बेटी भी बड़ी हो रही है उसकी शादी भी करनी है तुझे। तू मेरी फिक्र मत कर मैं यहां बहुत खुश हूं अपना ख्याल रखना । यहां मेरे जैसे कितने ही लोग हैं एक दूसरे की बातें सुनकर दिन कब निकल जाता है … Read more

बैग पैक कर लो – के कामेश्वरी : Moral Stories in Hindi

राजीव गांधी नेशनल पार्क में सुबह सुबह ठहाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही थी । यहाँ रोज रिटायर्ड बुजुर्गों की एक मंडली बैठती है जो कुछ देर वॉकिंग करते हैं फिर वहीं पर बेंच पर बैठ कर हँसते गाते अपने सुख दुख बाँटते रहते हैं । उनकी अच्छी खासी दोस्ती हो गई थी वे एक … Read more

संगम पर संगम – ऋतु गुप्ता : Moral Stories in Hindi

अपने पति के साथ कुंभ नहाने आई मुग्धा अचानक सामने बैठी बुजुर्ग स्त्री को देखकर ठिठक गई, वह सावित्री देवी लग रहीं थी, हां हां वह वही तो है… उसने अपने मन में सोचा ये तो सावित्री देवी ही है जिन्हे मै माताजी कहते नहीं थकती  थी और वह मुझे दुल्हन दुल्हन कहते। मुझे इतना … Read more

हां, हम औरतें होती हैं अजीब… – उमा महाजन : Moral Stories in Hindi

  आज बाथरूम से नहाकर निकलने पर रीमा को चहकते देखकर निशांत हैरान होकर बोला ‘क्या बात है भई आज तो सुबह-सुबह ही चेहरे से खुशी का नूर टपक रहा है? कुछ खास ही है नहीं तो इस समय तो तुम काम के प्रेशर में बिफरी ही दिखती हो’ रीमा चहकते हुए आइने के समक्ष जा … Read more

नयी राह – हेमलता : Moral Stories in Hindi

सुबह सुबह लगभग 4:00 या 5:00 बजे होंगे मेरी बगल के कमरे से आते हुए खटपट  से मेरी नींद खुली,  सोचा शायद पानी भरने के लिए लाइन लग रही होगी लेकिन नहीं यह तो ठीक बगल से आवाज आ रही थी। मेरे ठीक बगल में राहुल रहता था राहुल मेरे ही गांव का लड़का था … Read more

जिजीविषा – बालेश्वर गुप्ता   : Moral Stories in Hindi

  भाईसाहब,आप ही मेरी सहायता कर सकते हैं।प्लीज करेंगे ना मेरी मदद?        भाई बताओ तो बात क्या है?तभी तो पता चलेगा कि मैं क्या कर सकता हूँ?अगर कर सकता हूँ तो क्यों नही करूँगा तुम्हारी सहायता।        मैं कई दिनों से आपसे कहने की हिम्मत जुटा रहा था,पर अब जब पानी सर से गुजरने वाला है तो … Read more

जिंदगी बदल गई अब – सीमा प्रियदर्शिनी सहाय  : Moral Stories in Hindi

“जब देखो तब तुम्हारे हाथ में ऊन और सलाइयां! कभी सुई धागा!पता नहीं स्वेटर बुनकर तुम्हें क्या मिलता है?मुझे बहुत गुस्सा आता है यह सब देखकर।मुझे बिल्कुल पसंद नहीं तुम्हारा यह बुनना सिलना! बंद करो यह सब ।”शशांक अपनी आदतानुसार गुस्से में चिल्लाते हुए रिचा से कहा।   रिचा रोआंसी हो गई  “पर इसमें बुरा … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अपनेपन की महक – सुमन लता ” सुमन “ भूल रही सब रिश्ते- नाते, कैसी दुनिया दारी,  सुख सुविधा ने अपने पन की, महक छीन ली सारी । अपना घर अपनी माटी को, तज कर जाना पड़ता उस पल मानव का मन बेबस, होकर खुद से लड़ता,  जब आशाएँ पूरी होती, जाते सब बलिहारी,  सुख … Read more

Top Ten Shorts Story in Hindi – हिन्दी लघुकथा

अपनेपन की महक – परमा दत्त झा आज बहू ने चाय के साथ बिस्कुट और नमकीन भी दिया था।वे खुशी से झूम उठे कारण इतने प्यार से बहू ने आज तक नहीं दिया था।वे एक बार देखे और चाय पीने लगे। बहू सही रहे, परिवार देखें, और हमें क्या चाहिए। मगर यह असर रात की … Read more

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