आने वाले का क्या कसूर – अर्चना सिंह : Moral Stories in Hindi

बहुत सुस्त और गमगीन सा माहौल लग रहा था । घर – आँगन सजे हुए होकर भी मायूसी की कहानी कह रहे थे , अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था । न जाने इतने रौनक वाले घर से हँसी ठिठोली अचानक कहाँ गायब ।प्रभात जी ने रिटायरमेन्ट से पहले ही इस घर को बड़े शौक … Read more

चोंचले – चांदनी खटवानी : Moral Stories in Hindi

संदीप नौ बजे ऑफिस के लिए निकल गए.. उसके बाद करूं क्या! पूरे घर के चार चक्कर लगाकर आई.. कहीं कुछ फैला नहीं बिखरा नहीं.. सब जस का तस पड़ा था.. घड़ी में देखा तो अभी दस ही बज रहे थे.. हे राम! अभी तो सारा दिन पड़ा है.. कटेगा कैसे! अमन को बाहर गए … Read more

“अनकहे दर्द” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तवा : Moral Stories in Hindi

“हैलो ….हैलो… हैलो …  हैलो…  माँ… माँ …..माँ ?” “रिंग तो हुआ है और शायद कल भी रिंग हुआ था। किसी ने फोन उठाया भी था पर उधर से कोई आवाज नहीं आई । माँ ही होगी….! लेकिन… माँ रहती तो कुछ तो बोलती…!”    खुशी इधर लगभग महीने भर से अपनी माँ से बातें करने … Read more

अनकहा दर्द – वीणा सिंह : Moral Stories in Hindi

कितनी कोशिश करती हूं पर ये आंसू निकल हीं आते हैं…. पति की बेरूखी और सपाट व्यवहार को बर्दाश्त करती रही बच्चे मुझे समझेंगे पर बच्चे भी….                       बचपन में मां मुझमें और छोटे भाई में फर्क करती थी तो मासूम मन रो उठता…. छोटे भाई राजन को बहला फुसला कर मलाई वाली दूध पिलाती, मेरे … Read more

चुमावन – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

जेठ की दुपहरी और  टमटम से धीरे — धीरे बिलकुल अनजान सड़क पर  गुड़िया  सिमटी सिकुड़ी बढ़ी जा रही थी,  प्यास से बुरा हाल था ,कभी थोड़ा सा घूंघट  से कोर से कनखियाकर  अपने पति को देखती ,लेकिन वो तो घर पहुंचने की जल्दी में था । घर ..नहीं वो  गांव के एक प्रतिष्ठित  मुरारी … Read more

“कड़वा सच” – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

” आज हमारे परिवार में एक डॉक्टर और जुड़ गया!अब से मेरी बेटी डॉक्टर नीना मेरे साथ मेरी क्लीनिक में बैठेगी “! नीना के पिता डॉक्टर रवि चंद्रा ने गर्व और खुशी से कहा! वे बहुत खुश थे कि उनकी तीसरी पीढ़ी भी डॉक्टर बन गई!  “क्या मतलब नीना आपके साथ क्लीनिक पर बैठेगी?अरे भई … Read more

ज़माना खराब हैं – रोनिता कुंडु : Moral Stories in Hindi

मम्मी जी! अगले हफ्ते मेरे भाई की शादी है, मेरे गहने दे दीजिए, मुझे पहना है शादी पर, महक ने अपनी सास कावेरी जी से कहा। कावेरी जी:  गहने? भला आजकल के ज़माने में कौन असली गहने पहनता है? जो चली गई ना तो फिर कभी ना बनेंगे। इतने आर्टिफिशियल गहने तो बिकते हैं बाज़ार … Read more

अनकहा दर्द – सुनीता मुखर्जी “श्रुति”: Moral Stories in Hindi

अम्मा! ओ अम्मा! दरवाजा खोलो!….खोलो न अम्मा!  बस तुम्हें एक नजर देखना चाहती हूं!!! सुरभि घर का गेट पकड़ कर लगातार बोलकर रोये जा रही थी। शायद वह भूल गई कि गेट में एक मोटा सा ताला लगा हुआ है।  संजय जी एवं सुकन्या के तीन बेटे एवं एक बेटी थी। तीन बेटों के बाद … Read more

मोहना – सिम्मी नाथ : Moral Stories in Hindi

मां ने बड़े प्यार से मोहना नाम रखा था , वास्तव में उसे देखकर लोग मोहित हो जाते थे , गोल — गोल आँखें,घुंघराले बालों से छुपा सांवला चेहरा ,बड़ा मनमोहक लगता था , माँ खाना बनाने आती तो शीतल के घर उसे भी ले आती , मालकिन थी भी बड़ी अच्छी ,मोहना को बड़ा … Read more

दर्द भरी आंखें – गीता वाधवानी : Moral Stories in Hindi

फोन बज रहा था। सुशीला जी ने फोन उठाया। उनके हेलो बोलते ही उधर से आवाज आई। आवाज सुनकर सुशीला  जी ने खुशी से कहा-” अरे दामाद जी,आप कहिए घर पर सब ठीक है। अनीता कैसी है, और दोनों बच्चे प्रफुल्ल और प्रियंका। आपकी माताजी ठीक है।”    उधर से उनके दामाद केशव ने कहा-” हां … Read more

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