माएके का ज़ख्म – अनुपमा
मां बार बार फोन कर रही थी इतने सालों से देखा नही तुझे मालती और बच्चों को , आ जा इस बार फिर पता नही मुलाकात हो या न हो । मालती हां मां आती हूं जल्दी ही ये कह कर फोन रख देती थी । ये सिलसिला पिछले दस सालों से चल रहा था … Read more