एक शहीद के उद्गार…
माँ, जन्म तूने मुझे था दिया आज अंतिम सफर पर मैं चल दिया पर, दुखी न होना, कोख लजाई नहीं मैंने तनकर सीने पर गोली खाई है मैंने अंतिम समय भी गोद तेरी याद आई छुटकी की तरह करनी पड़ेगी ,मेरी भी विदाई लेकिन माँ मेरी, तुम आँसू बहाना नहीं क्योंकि तेरे बेटे ने हार … Read more