दिल का रिश्ता – तृप्ति शर्मा
“सुरभि,, नाश्ता ले आओ ,मम्मी मेरे कपड़े,मेरा लंच कहाँ है” रोज सुबह ऐसा ही शोर होता सुरभि के घर। पति रोहन और बेटा पार्थ रोज अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए ऐसे ही शोर मचाते। सुरभि कभी इधर कभी उधर घूमती हुई उनकी हर जरूरतों को पूरा करती रहती। खुशी के साथ-साथ उसे कभी कभी घमंड … Read more