बेटे की इज़्ज़त इज़्ज़त और बहू की ? – संगीता अग्रवाल
नितिका ने हॉस्पिटल से निकल राहत की सांस ली मानो कितने सालों से जो सांस अटकी थी वो अब आई हो..उसने जल्दी से ऑटो पकड़ा और घर को रवाना हुई । ऑटो मे बैठ उसने सिर पीछे टिका दिया …अतीत की कितनी बाते चलचित्र सी घूमने लगी सामने जिन्हे याद कर कभी उसके चेहरे पर … Read more