*प्रसाद* – *नम्रता सरन ” सोना “*
मंदिर के बाहर बहुत लंबी कतार थी दर्शनार्थियों की ,हर किसी को जल्दी से जल्दी भगवान के दर्शन पाने थे। कई लोग पंक्ति के बीच में घुसकर खुद को आगे बढाने का भी प्रयास कर रहे थे।लोगों मे धक्का मुक्की हो रही थी , कहासुनी भी हो रही थी, कोई कह रहा था.. ये कोई … Read more