गुरुकृपा !! – पायल माहेश्वरी
“ओम् जय जगदीश हरे …..” आरती की मधुर स्वर लहरियां रोज सुबह की तरह ‘गुरुकृपा’ भवन में गूँज रही थी, घर के सभी सदस्य आरती में सम्मिलित हुए पर रोज की तरह वैशाली अपने सुबह के जिम में व्यायाम करने गयी थी। ” वैशाली कभी मेरी अपेक्षा पूरी नहीं कर सकती हैं वह अपनी आदतें … Read more