धोखा – मधु शुक्ला

पण्डित जी ने  कृष्णकांत जी को उनकी बेटी के लिए जो रिश्ता सुझाया था। वह उन्हें ठीक लगा इसलिए उन्होंने हामी भर दी। शुभ मुहूर्त में बातें तय हुईं। वर पक्ष की एक ही माँग थी। वो यह कि “उन्होंने अपनी बेटी के  विवाह के लिए जो धन राशि सोची है। वह तिलक में दे … Read more

पानी – स्नेहज्योति

पानीबूँद-बूँद से बनता हूँरिश्तों सा निखरता हूँखुले आसमाँ से जबख्वाहिश बन बरसता हूँतो बंजर पड़े अरमानो कोपलभर में गुलजार कर देता हूँसबके चेहरे पर एक उत्साहभीनी सी मुस्कुराहट छोड़ देता हूँमैं पानी हूँ सबसे जुड़ी कहानी हूँजो कल था आज हूँपर कल किसके पास हूँना तेरा हूँ ना उसका हूँसबका कतरा-कतरा हूँआम सही पर ख़ास … Read more

भाई की शादी के लिए मोटी पार्टी फसाई है – मंजू तिवारी

   अरे कोई तो बचाओ,,,, यह आदमी मुझे बिल्कुल मारे डाल रहा है,,, पीटती पीटती प्रतीक्षा लहूलुहान हो चुकी थी,,, कमरे से मारता हुआ पति उसे दरवाजे के बाहर पटक के झाड़ू से मार रहा था झाड़ू और डंडे टूटते जा रहे थे प्रतीक्षा गांव में सभी से कहती इसने मेरा फोन तोड़ दिया है कोई … Read more

चल उड़ जा रे हंसा – उषा भारद्वाज

  आज ताई की तेरहवीं है।  तेरह ब्राह्मण भोजन के लिए बैठे थे । तभी किसी ने कहा आज तो पूरा भोजन ताई की पसंद का बना होगा क्योंकि कहते हैं कि मरने वाले की पसंद का भोजन ब्राह्मणों को खिलाने से  अप्रत्यक्ष रूप से दिवंगत आत्मा को मिल जाता है।       मैं भी वही पास में … Read more

बेटा होगा या बेटी – अंकिता मंजुल

   माफ़ करना रिया लेकिन माँ अगर चाहती है तो………… तो क्या दर्पण (रिया एकदम चीखती हुई बोली ) , मतलब कि माँ के साथ साथ तुम भी यही चाहते हो की हम अपने बच्चे को दुनिया में आने ही न दें बोलो ……. नहीं रिया माँ बस ये कह रही थी की एक बार … Read more

धोखा स्वयं को – पुष्पा जोशी

आत्माराम ने कितने प्रेम से अपने बेटे का नाम रखा था,  सेवाराम, बडे़ जतन से पाला था उसे, इकलौती संतान थी किसी तरह की कोई कमी नहीं थी. उसे क्या पता था,कि उसका बेटा नाम के बिल्कुल विपरीत निकलेगा.आत्माराम जाना माना किराने का व्यापारी था, गाँव के चंद रईसों में उसकी गिनती होती थी.अपना काम … Read more

सौतेली माॅ॑ – माता प्रसाद दुबे

रमादेवी गुमसुम उदास बैठी कमरे की दीवार पर लगी तस्वीर को एकटक देख रही थी। एक साल पहले का,आज वही दिन था..जिस दिन रवि के पापा एक दुर्घटना में परलोक सिधार गए थे। पैंतीस वर्ष तक रेलवे में गार्ड के पद पर ईमानदारी से कार्य करते हुए कुछ महीनों बाद ही वे सेवानिवृत्त होने वाले … Read more

क्या  एक पति में पत्नी का धोखा सहन करने की सहनशक्ति होती है – गीतु महाजन 

बहुत बार ज़िंदगी आपके सामने ऐसा सवाल खड़ा कर देती हैं जिसका ना तो आपके पास कोई जवाब होता है और ना ही आप उस सवाल से बच सकते हो।ऐसा ही एक सवाल रजत की जिंदगी में भी आ खड़ा हुआ था। रजत दिल्ली की मध्यम वर्गीय सोसाइटी में रहने वाला एक आम इंसान था … Read more

प्रभा…….. तुमने मुझे धोखा क्यों दिया – किरन विश्वकर्मा

एक स्त्री तब अपने कष्ट को भुला देती है जब उसके परिवार का कोई सदस्य बीमार हो और परेशान हो उम्र पैंसठ, घुटनों में आर्थराइटिस कहां तक वह भागदौड़ कर सकती थी किंतु बिस्तर पर पड़े अपने पति जनक जी की देखभाल तो करनी ही थी। बेटे से कितनी मदद लेती वह प्राइवेट नौकरी करता … Read more

 धोखा अपनो का – बेला पुनीवाला

आज सुबह-सुबह ही उनकी चिठ्ठी मिली, वह आज आ रहे हैं, दो साल  के इंतज़ार के बाद, वह  आज आ रहे है, दिल ख़ुशी से ज़ूम उठा ये जानकर कि  वह  आज आ रहे हैं, दीवानी सी हुई में भागी अपनी सखी को बताने की, वे आज आ रहे है,  मेरे पैर ख़ुशी से टिक … Read more

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