स्नेह बंधन – पायल माहेश्वरी
” कितनी सुन्दर और सुहानी सुबह हैं,हवा में कितनी ताजगी हैं, पहाड़ो पर गिरती बर्फ काँच की तरह साफ और चमकदार लगती हैं महानगर के दौड़ते-भागते जीवन में अब ऐसे सुकून के पल कहा मिलते हैं ” सीमा अपने पति नयन से बोली । ” बिलकुल सही कहा तुमने सीमा इसी नैसर्गिक सौन्दर्य-दर्शन के लिए … Read more