एक समझौता ऐसा भी … रश्मि प्रकाश A
“अरे सुरेखा बहन आप दोनों सुबह सुबह कहाँ चल दिए… हम तो आज आपके घर बिटिया के ब्याह का न्योता देने आने वाले थे।” कलाने सुरेखा को दरवाज़े पर ताला लगाते देख पूछ लिया “ हम बिटिया के घर जा रहे हैं कला बहन…बिटिया दोनों बच्चों को सँभाल नहीं पा रही आप तो जानती ही … Read more