जब दोस्त परिवार बन गया – भगवती सक्सेना गौड़
कुशाग्र बुद्धि का अमर जब कई वर्षों पहले डॉक्टरेट करने अमेरिका जा रहा था, श्याम चतुर्वेदी और उनकी पत्नी रमोला का बुरा हाल था। किसी तरह दोनो अपने हृदय को वश में कर रहे थे कि बच्चो को उन्नति के लिए बाहर जाना ही पड़ता है। उसके विदेश जाने के बाद रिटायर होकर दोनो अपने … Read more