प्रवंचना – सुनीता मिश्रा
“दीदी ,जयमाल के लिये मेरे लह्ँगे का कितना खराब कलर पसंद किया आपने और सस्ता भी।आपको तो पता है नकुल की पसंद कितनी शानदार है।” योगिनी की छोटी बहिन रागिनी ने अपनी शादी के लिये कपड़ों में एतराज जताया।बी एस सी करने के बाद उसकी शादी उसके पसंद के लड़के से तय हो गई थी।दो … Read more