भले ही आप मुझे पराई समझते हैं पर मैं तो आपको अपना समझती हूॅं…. – भाविनी केतन उपाध्याय
आ गए आप ? कैसा रहा दिन ? चलिए जल्दी से हाथ मुंह धो लिजिए…. आप की मनपसंद अदरक, इलायची वाली चाय और वेजिटेबल कटलेट तैयार हैं..” मनीषा ने चहकते हुए अपने पति जतिन से कहा। ” क्या नहीं आना था मुझे घर ? तुम्हें क्या करना है जानकार मेरा दिन कैसा रहा ? चाय … Read more