मन की बातें मन में ही नहीं रखिए – के कामेश्वरी
रात के नौ बजे थे किरण सुबह से ऑफिस और घर का काम करके थक गई थी वैसे भी उसका सातवाँमहीना चल रहा था । इसलिए अब सोना चाह रही थी तभी फ़ोन की घंटी बजी उसने फ़ोन उठाकर हेलोकहा दूसरी तरफ़ से प्रशांति आंटी थी । हेलो आंटी !! इतनी रात गए आपने फ़ोन … Read more