धूप-छाँव – पुष्पा पाण्डेय
प्रभात बेला में एक महिला की छाया रेलवे लाइन पर चलती देखकर कचरा चुनने वाली वृद्धा को काफी हैरानी हुई। ट्रेन अभी आने ही वाली थी और वह छाया सीधी चली जा रही थी। आव देखा न ताव दौडती हुई गयी और रेलवे लाइन से धक्का दे उस पार ढकेल दिया। ट्रेन चली गयी, लाइन … Read more