जब माँ बच्चे पाल सकती है वो उन्हे अपना नाम क्यो नही दे सकती ? – संगीता अग्रवाल 

” बुआ आप कब आई और ये लोग कौन है ?” अभी अभी स्कूल से आई आन्या बैठक मे मेहमानों को देख सीधे रसोई मे पहुंची और वहाँ अपनी बुआ सारिका को देख पूछने लगी। ” तू आ गई स्कूल से मान्या कहाँ है जाओ दोनो जल्दी से कपड़े बदल लो मैं अभी आती हूँ … Read more

मेरी बहुओं ने मुझे कहाँ फँसाकर छोड़ दिया है? – गीतू महाजन

कमलजीत कौर बहुत खुश थी..उसकी खुशी का कारण यह था कि उसके छोटे बेटे परमिंदर की शादी बहुत अच्छे से हुई थी। पिछले कुछ दिनों से वह अपने छोटे बेटे की शादी में व्यस्त थी और अब सभी रिश्तेदार भी खुश हैं। शादी बहुत अच्छी हुई और लड़कियों ने भी पार्टी का बहुत अच्छे से … Read more

मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती है, आपकी बेटी को बहु बनाना। – चाँदनी झा  

“मुझे ना सुनना पसंद नहीं है।” “और मुझे भी।…..” जितने जोर से अमित ने कहा, उससे दुगुने जोर से अनिता चिल्लाई। अमित की मां, ने जब अनिता की यह हरकत देखी तो….गुस्से से आग-बबूला हो गई। तुरंत अनिता की मां को फोन मिलाया। “आपने अपनी बेटी को क्या सिखाया है, अपने पति को ना कहे, … Read more

मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती है, आपकी बेटी को बहु बनाना। – चाँदनी झा  

“मुझे ना सुनना पसंद नहीं है।” “और मुझे भी।…..” जितने जोर से अमित ने कहा, उससे दुगुने जोर से अनिता चिल्लाई। अमित की मां, ने जब अनिता की यह हरकत देखी तो….गुस्से से आग-बबूला हो गई। तुरंत अनिता की मां को फोन मिलाया। “आपने अपनी बेटी को क्या सिखाया है, अपने पति को ना कहे, … Read more

मैंने तुमसे दिल से प्यार किया है ! – ज्योति आहूजा

विनय और पूजा एक बहुत ही प्यारा जोड़ा! ” विनय मुंबई में रहता था। एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था। कंपनी की तरफ से विनय को काम के सिलसिले के लिए टूर पर जाना पड़ता था। दिल्ली में हुई मीटिंग के दौरान वही विनय की पूजा से मुलाकात हुई। पूजा जो दिल्ली की मल्टीनेशनल … Read more

कहीं मेरी “बहू” भी तो..!! – पूनम गुप्ता

  अर्चना जब अपनी बीमार “सास” की सेवा बिना कुछ सोचे -समझे दिन-रात करती यह सोच कर कि यदि मम्मी जी की जगह मेरी अपनी “मां” होती तो क्या मैं उन्हें बीमार हालत में छोड़ देती..?” अर्चना की यही सोच उसे उसके ससुराल वालों से बांधे रखती है, धीरे-धीरे आज पूरे घरवाले उसे ढेर सारा … Read more

” कितनी गहराई थी उसकी बातों में “-सीमा वर्मा

” जानती हो ‘मंजुला ‘ को ब्रेस्ट कैंसर हो गया है उसका औपरेशन अगले सोमबार को होना निश्चित हुआ है। ” फोन पर उर्मी थी। ” उफ़ ! मंजुला मेरी ननद हैं। मैं हतप्रभ !! दुखी और लाचार होने की तो सीमा ही नहीं थी “ मुझको सूचित करके उर्मी ने फोन काट दिया। थोड़ी … Read more

ऐसे तोहफ़े किस काम के । – सुषमा यादव

हम सब शादी, जन्म दिन, दीपावली,और अन्य  किसी भी खास मौकों पर अपने परिवार, रिश्तेदारों, तथा दोस्तों को उपहार स्वरूप कोई ना कोई गिफ्ट जरूर देते हैं,।ये गिफ्ट हम जब भी किसी को देते हैं तो हमें बहुत ही खुशी होती है, ये हमारे आपस के रिश्तों को मजबूती प्रदान करते हैं।  जिसे हम तोहफ़ा … Read more

धूप-छाँव का खेल – शकुंतला अग्रवाल ‘शकुन’

लखपति,करोड़पति तो उसको कहना बहुत छोटा शब्द है। वह तो धनकुबेर है। तभी उसकी नजर सदा गगन को छेदती रहती है, जमीन पर तो कभी पड़ती ही नहीं।  ऐसा हो भी क्यों नहीं ,पंछी की तरह उसने तो आकाश नापना ही सीखा है। पर कहते है ना कि धरातल से जिसकी पकड़ छूट जाती है, … Read more

धूप के बाद की ठंडी छांव – रजनी श्रीवास्तव अनंता

“बुआ मैं भी आपके साथ चलूंगी, पड़ोस वाली आंटी के घर!” छाया ने जिद की तो दोनों बुआ ने उसे अपने साथ ले लिया। गर्मी की छुट्टियों में एक सप्ताह के लिए उसकी दोनों बुआ मायके आयी थीं। दोनों साथ हीं आती थी। सब दोस्तों और रिश्तेदारों से, मोहल्ले वालों से, मिलकर जाती थीं। वे … Read more

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