लेखनी की कहानी उसी की जुबानी – सुषमा सागर मिश्रा
सेवानिवृत्ति के बाद समय के बंधन से तो सरला मुक्त हो चुकी थी मगर अब समस्या यह थी कि वह अपने खाली समय का सदुपयोग कैसे करे ,जीवन भर ईमानदारी और परिश्रम से अनुशासित जीवन जीने वाले सरला को अब खाली बैठना बोझिल लगने लगा था वह जब भी वह खाली बैठी तो वह अपने … Read more